उन्नाव। दूसरे दिन भी पुलिस भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण व नकलविहीन संपन्न हुई। सीसीटीवी, नोडल एजेंसियों और पुलिस की कड़ी निगरानी में 4535 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। लगातार परीक्षा होने से ट्रेन व बसों में खासी भीड़ रही। सीट के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। जाम ने दिक्कत और बढ़ा दी।
शनिवार को भी नौ केंद्रों अटल बिहारी, जीनाथजी, राजकीय इंटर काॅलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, श्याम कुमारी सेठ, डीएसएन ब्लॉक ए, डीएसएन ब्लॉक बी, राजा शंकर सहाय, पालीटेक्निक पर सुबह 10 से 12 और दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक परीक्षा हुई। कुल 6048 अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत रहे। नकलविहीन परीक्षा के लिए केंद्र में अभ्यर्थियों को दो घंटे पहले ही प्रवेश दिया गया। दूसरे दिन पहली पाली में 3024 में 2239 की उपस्थित और 785 की गैरहाजिरी रहे। जबकि दूसरी पाली में 3024 में 2296 की उपस्थित व 718 की अनुपस्थिति रही। परीक्षा को सकुशल, शांति पूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सभी केंद्रों पर भारी पुलिस बल सतर्कता बनाए रहा। नियुक्त स्टेटिक मजिस्ट्रेट केंद्रों पर डटे रहे। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों की टीमें लगातार केंद्रों पर जांच करती रहीं।
डीएम गौरांग राठी और एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। परीक्षा के नोडल एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र सिंह ने बताया कि दूसरे दिन की परीक्षा भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है। कहीं कोई नकलची नहीं पकड़ा गया।
परीक्षा देने आई महिला अभ्यर्थी के पिता से बदसलूकी
उन्नाव। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में लखनऊ से परीक्षा देने आई महिला अभ्यर्थी के सचिवालय में तैनात पिता से कॉलेज के कर्मचारी और सिपाही ने बदसलूकी की। आरोप है कि उसे लात भी मारी। परीक्षा देकर बाहर आई अभ्यर्थी ने घटना का विरोध किया। कवरेज करने पहुंचे मीडिया के लोगों से भी कोतवाल ने अभद्रता की। एसडीएम और सीओ मौके पहुंचीं और मामला शांत कराया।
लखनऊ के मोहल्ला सूर्यनगर निवासी स्वाति शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में दूसरी पाली में पुलिस भर्ती परीक्षा देने आई थीं। परीक्षा के दौरान उनके पिता राजवीर सिंह सचिवालय में लाइब्रेरियन के पद पर तैनात हैं। वह बाहर रुके रहे। राजवीर का आरोप है कि काले रंग की पैंट पहने नशे में धुत एक कर्मचारी ने उन्हें अंदर बुलाया और बदसलूकी करने लगा। ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही ने मारपीट की। उन्होंने लात मारने के निशान भी दिखाए। परीक्षा के बाद स्वाति बाहर आईं तो पिता के साथ हुई बदसलूकी का विरोध किया। कुछ पुलिस कर्मियों ने उनके साथ भी बदसलूकी की।
अभ्यर्थी ने बताया कि मारपीट का वीडियो भी बनाया गया था लेकिन पुलिसकर्मियों ने जबरन डिलीट करा दिया। सूचना पर सीओ सिटी और एसडीएम सदर पहुंचे। उन्होंने मामले को शांत कराने का प्रयास किया। महिला अभ्यर्थी सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर अड़ गई लेकिन उसे नहीं दिखाया गया। कोतवाल सदर मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से अभद्रता की और अभ्यर्थी व उनके पिता को बारिश में ही वहां से भेज दिया। एएसपी अखिलेश सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में आया है लेकिन मारपीट की बात नहीं बताई गई है। मीडिया कर्मियों से बदसलूकी करना गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज भी दिखवाया जाएगा।
बाईपास चौराहे पर लगा जाम
आवास विकास बाईपास और गदनखेड़ा चौराहा पर अभ्यर्थियों की भीड़ रहीं। काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा। परीक्षा खत्म होने के बाद अचानक भीड़ बढ़ने से बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन के रास्तों पर यातायात रेंगता रहा। आवास विकास बाईपास तिराहा पर करीब आधे घंटे तक यातायात सुस्त रहा। बसों में अधिक भीड़ होने से अभ्यर्थियों को खड़े होकर भी सफर करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद रही।
रेलवे और बस स्टेशन पर काटी रात
समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए तमाम अभ्यर्थी शुक्रवार रात को ही शहर पहुंच गए। लेकिन यहां ठहरने की व्यवस्था न होने से रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर ही रात बिताई। कुछ युवकों ने बस स्टेशन और गुरुद्वारा परिसर में रात काटी।
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परीक्षार्थियों की बात
रायबरेली से परीक्षा देने आई अंजली ने बताया कि परीक्षा के दौरान उन्हें कोई भी असुविधा नहीं हुई। वहीं बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार व्यवस्थाएं बेहतर रहीं।
लखीमपुर से आईं ज्योति गुप्ता का कहना था कि परिवहन निगम की ओर से भी व्यवस्था ठीक रही। बस में उनसे किसी प्रकार का किराया नहीं लिया गया। सीट भी मिल गई।
इटावा जिले से पुलिस भर्ती परीक्षा देने आए विनय कुमार ने कहा कि पुलिस भी हर चौराहे और स्टेशन पर परीक्षार्थियों का सहयोग कर रही थी। कहीं कोई असुविधा नहीं हुई।
कन्नौज के छिबरामऊ के अनुराग मिश्रा ने बताया कि रेलवे ने भी ट्रेनाें के समय में परीक्षा की वजह से बदलाव किया था। इससे आने-जाने में उन्हें अधिक परेशानी नहीं हुई।