चकलवंशी। छुट्टी पर घर आए सिपाही की मौत के मामले में मृतक के पिता ने चार लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीन नामजद आरोपियों से पुलिस ने रात में लंबी पूछताछ की, लेकिन किसी तरह की रंजिश और हत्या की पुष्टि नहीं हुई। शनिवार सुबह पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद परिजनों ने परियर घाट पर अंतिम संस्कार किया। पोस्टमार्टम में सिर में चोट से मौत की बात सामने आई है।
माखी थाना क्षेत्र के पुरवा गांव निवासी वेदप्रकाश पाल उर्फ सोनू (35) पुत्र रामलखन का लहूलुहान शव शुक्रवार सुबह घर से डेढ़ किलोमीटर दूर गांव के रामनरेश के घर के बाहर लहूलुहान हालत में मिला था। कुछ दूर पर रहने वाले रामनरेश के छोटे भाई चंद्रसेन ने सिपाही को दीवार के पास पड़ा देख उसके साथी राजकुमार, सुरेश को जानकारी दी थी। मृतक के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव में ही रहने वाले राजकुमार, शिवबालक, चंद्रसेन और सुरेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतक के साथी राजकुमार, शिवबालक और पड़ोसी चंद्रसेन को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की थी। जबकि चौथा हत्यारोपी सुरेश भाग गया है।
आईटीबीपी में तैनात मृतक का छोटा भाई पारस भी देर रात गांव पहुंचा। उसने भी किसी से कोई दुश्मनी न होने की बात बताई। शनिवार सुबह सीओ सफीपुर मधुपनाथ मिश्रा, एसओ संदीप मिश्रा फोर्स के साथ गांव पहुंचे और दिवंगत सिपाही को गार्ड ऑफ आनर दिया। घटना के बाद से गांव के लोगों में घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। कोई शराब पीने और नशे में छत से गिरने से मौत की बात कह रहा है तो कोई आपसी कहासुनी में सिपाही के छत से धक्का देने की बात का शक जता रहा है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि हर बिंदु पर जांच चल रही है। तीन हत्यारोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक हत्या करने या ऐसी कोई वजह सामने नहीं आ सकी है। मोबाइल कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही है।
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गहनता से हो रही जांच : एसपी
एसपी दीपक भूकर ने बताया घटना की जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में यह पुष्टि हुई है कि गुरुवार रात सिपाही वेद प्रकाश, साथी राजकुमार और सुरेश के साथ गांव से दूर बने रामनरेश के खाली घर में थे। हत्या है या हादसा इसकी पुष्टि के लिए गहनता से जांच कराई जा रही है।
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फोरेंसिक टीम को फटी मिली जेब, सरिया में फंसने का अनुमान
फोरेंसिक टीम को जांच के दौरान मृत सिपाही वेदप्रकाश की पैंट की जेब फटी मिली थी। जिस छत से उसे फेंकने का अंदेशा जताया जा रहा है उसमें स्लैब की करीब एक फीट सरिया निकलीं हैं। इससे जांच टीम को अंदेशा है कि सिपाही के गिरने या गिराने के दौरान उसकी पैंट सरिया में फंसी होगी, इससे वह सिर के बल जमीन पर गिरा और चोट लगने से उसकी मौत हुई।