उन्नाव। जिला पंचायत के दायरे में आने वाले ग्रामीण क्षेत्र में 1000 करोड़ का निवेश करने वाले 38 उद्योग धरातल पर उतर चुके हैं। यहां काम भी शुरू हो चुका है। इनमें करीब 10,000 लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, 39 नए उद्यमों में अगले माह तक काम शुरू होने की बात कही जा रही है। इन उद्यमों के नक्शे की प्रक्रिया में हैं।
2024 में 10 से 12 फरवरी के बीच लखनऊ में ग्लोबल इनवेस्टर समिट का आयोजन हुआ था। इससे पहले छह फरवरी को जिलास्तर पर समिट हुई थी। दोनों समिट में 196 उद्यमियों ने निवेश के प्रस्ताव दिए थे। इन उद्यमियों की ओर से जिले में 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू साइन हुए थे। अब यह एमओयू धरातल पर उतरने लगे हैं। इनमें से अब तक 38 उद्यमों ने इकाइयां स्थापित करके काम शुरू कर दिया है। इन उद्यमों में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित हैं। कुछ ऐसे उद्यम भी हैं जो पूर्व में स्थापित थे और उनमें ही नया कार्य शुरू किया गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से इनवेस्टर मित्र नियुक्त किए गए रवि कुमार ने बताया कि 500 करोड़ से कम निवेश वाली इकाइयों ने निर्माण शुरू कराया है। इससे बड़े निवेश वाले उद्यमों को समय लगता है। कुछ उद्यम का अगले महीने तक काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जो लोग जिले में उद्यम लगाना चाहते हैं, वह कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। वहीं, एमओयू साइन करने वाले शेष निवेशकों से भी संपर्क किया जा रहा है। उद्यमियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर उनकी दिक्कतों को दूर कराया जा रहा है।
39 उद्यमों को नक्शे का इंतजार
39 उद्यम ऐसे हैं जो भी काम शुरू करने की तैयारी में हैं। हालांकि इनकी जमीन यूपीसीडा व यूएसडीए के अधिकार क्षेत्र में है। अभी तक दोनों विभागों के लंबित मास्टर प्लान से नक्शा स्वीकृत नहीं हो पा रहे थे। इसी माह दोनों का मास्टर प्लान स्वीकृत हो गया है। इसके बाद विभागों ने उद्यम के नक्शे जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले माह 5000 करोड़ निवेश के इन उद्यमों में भी काम शुरू हो जाएगा।
रोजगार के मिले अवसर, 10000 को नौकरी
जो उद्यम धरातल पर उतर चुके हैं, उनमें रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। करीब 8000 को प्रत्यक्ष और 2000 को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। इसमें स्थानीय स्तर पर लोगों को फायदा मिला है। वहीं, 39 नए उद्यमों के शुरू होने से करीब 15000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
धरातल पर उतरने वाली बड़ी इकाइयां
1-रेड टेप प्राइवेट लिमिटेड- 150 करोड़
2-वृंदावन बॉटलिंग प्लांट- 110 करोड़
3-मोहन गोल्ड वाटर- 50 करोड़
4-ईश फेस राम अग्रवाल वेयर हाउस- 50 करोड़
5-त्रिसेंट टेनरी- 25 करोड़
6-स्वाड एग्रो हसनगंज- 21 करोड़
7-सेफ क्लोजर मैन्युफैक्चरिंग- 15 करोड़
8-बालाजी फूड बांगरमऊ- 14 करोड़
9-चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी- 2000 करोड़
(अगले माह संचालन शुरू होने की उम्मीद)