उन्नाव। बिहार थानाक्षेत्र में जलाकर मारी गई सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पुलिस ने बुधवार एक जनवरी को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 26 दिसंबर को पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर सीओ के यहां भेज दिया था। कोर्ट बंद होने के कारण 5 दिन बाद बुधवार को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
पांच दिसंबर को बिहार थाना की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को राह चलते जला दिया गया था। दो दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मरने से पहले पीड़िता ने उन्नाव के सुमेरपुर अस्पताल में गांव के प्रधान के पति हरिशंकर त्रिवेदी उसके बेटे शुभम, गांव के शिवम, उमेश बाजपेई समेत पांच लोगों को नामित किया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर घटना वाले दिन ही पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अगले दिन सभी आरोपियों को जेल भेजा गया था।
एएसपी विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने बिंदुवार मामले की जांच कर 20 दिन बाद 26 दिसंबर को चार्जशीट तैयार कर 27 दिसंबर को सीओ बीघापुर के यहां भेज दिया। कोर्ट बंद होने से चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं किया जा सका। एक जनवरी को कोर्ट के खुलने पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया है। आरोपियों के वकील संजीव कुमार त्रिवेदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने की पुष्टि की है।