उन्नाव। दबंगों की धमकी से डरे दंपति के गांव छोड़ने का मामला पुलिस के नोडल अधिकारी के पास पहुंचने पर पुलिस हरकत में आई है। सीओ ने शुक्रवार को गांव पहुंच आसपड़ोस के लोगों के बयान लेने के साथ पीड़ित के कोर्ट में बयान कराने की बात कही है। 23 अक्तूबर के अंक में अमर उजाला ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर गांव निवासी कुलदीप का आरोप है कि 19 फरवरी की रात को गांव के पांच लोग चोरी के इरादे से उसके घर घुस गए। उसके जग जाने पर मारपीट कर घर से भाग निकले। उसने मामले की जानकारी ग्राम प्रधान को दी, जिस पर प्रधान ने सभी को बुलाकर डपटा। इसी खुन्नस में पांचों आरोपी उसे जान की धमकी देने लगे। 19 जून की रात सभी उसके घर घुस आए और उसे मारपीट कर छत से फेंक दिया, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। तीन माह तक लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज चलने के बाद भी वह बिस्तर से उठ नहीं पाया। 29 अगस्त को उसने गांव के जुबेर और कारतूस समेत पांचों आरोपियों के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने जुबेर और कारतूस पर रिपोर्ट दर्ज की और मामले को भूल र्गई। लगातार दबंग उसे धमकी दे रहे थे। जिस पर सितंबर माह में वह घर छोड़कर पत्नी गुड़िया के साथ दिल्ली चला गया। अमर उजाला ने 23 अक्तूबर को मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिस पर दो दिवसीय भ्रमण को आई पुलिस की नोडल अधिकारी अंजू गुप्ता तक मामला पहुंच गया। सीओ अंबरीश भदौरिया ने बताया क यह मामले उनके सर्किल क्षेत्र में आने से पहले का है। मामले को संज्ञान में लिया गया है। गांव में आसपास के लोगों के बयान दर्ज करने के साथ शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।