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संदिग्ध दशा में युवक ने जहर खाया, मौत

Mon, 06 Feb 2017 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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ambulance trapped in jam - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पांसाखेड़ा गांव निवासी नीरज बाजपेई (40) पुत्र स्व. लक्ष्मीनारायण रविवार सुबह घर से खेत के लिए निकला था। दोपहर लगभग एक बजे जब वह घर वापस आया तो उसे उल्टी शुरू हो गईं। मां ने तबियत खराब होने की बात पूछी तो उसने बताया कि जहरीला पदार्थ खा लेने की बात बताई। इससे घबराए परिजन उसे लोडर में लेकर सीएचसी ले जाने लगे। सपा अध्यक्ष की रैली के कारण रास्ते में कई जगह बैरीके डिंग लगी थी। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने लोडर को रोक दिया। परिजन वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के आगे गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने उनकी नहीं सुनीं। काफी देर बाद पुलिस कर्मियों ने मरीज की हालत बिगड़ती देखकर लोडर जाने दिया। तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजन जब उसे लेकर सीएचसी पहुंचे तो डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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जहर व जाम ने छीन लिया सहारा
नीरज के पिता लक्ष्मीनारायण टीचर थे। उनकी कई सालों पहले मौत हो चुकी है। वहीं बड़े भाई पंकज भी अब इस दुनिया में नहीं हैं। वृद्ध मां तपेश्वरी, पत्नी ममता व तीन बच्चों में का नीरज ही सहारा था। पिता की पेंशन व खेतीबाड़ी से परिवार का पालन पोषण हो रहा था। लेकिन जहर व जाम ने परिवार से एक यह भी सहारा छीन लिया।
ससुराल में आज है मांगलिक कार्यक्रम
नीरज की मगरायर स्थित ससुराल में सोमवार को साले की बारात जानी है। घर में मांगलिक कार्यक्रम चल रहे थे। लेकिन जैसे ही नीरज की मौत की खबर परिजनों को मिली तो खुशियां मातम में बदल गईं। सब कुछ जहां का तहां धरा रह गया। ढोलक की थाप की जगह चीखों की आवाजें सुनाई देने लगी। सारा कामकाज छोड़ परिजन व रिश्तेदार घर पहुंचने लगे।
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 जाम नहीं, रूट डायवर्जन किया गया था- कोतवाल
कोतवाली प्रभारी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि जाम नहीं था। रूट डायवर्जन किया गया था। उनका कहना है कि परिजन कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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