सीनियर रेल पथ निरीक्षक लखनऊ मंडल एसके तिवारी ने बताया कि रविवार शाम करीब 3.15 से 5.47 बजे के बीच ब्लाक लेकर कानपुर लखनऊ रेल मार्ग के छमकनाली पुलिया संख्या-108 से सहजनी रेलवे क्रासिंग तक नई पटरियां व पत्थर के स्लीपर प्लासर क्विक रिलेईंग सिस्टम (पीक्यूआरएस) मशीन से बिछाए गए। कार्य ढाई घंटे का ब्लाक लेकर काम किया गया। मशीन के लिए समानांतर अस्थाई रेल पथ बनाया गया। जिस पर पीक्यूआरएस मशीन को दौड़ाया गया। बताया कि करीब एक किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के साथ ही नए पत्थर के स्लीपर बिछाने का कार्य होना है। अभी दोबारा ब्लाक लेना पड़ेगा। वहीं ब्लाक के चलते बालामऊ पैसेंजर ट्रेन गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर कुछ देर के लिए खड़ी रही। इसके अलावा लखनऊ जाने वाली मेमू ट्रेन को भी स्टेशन पर करीब आधा घंटा रोकी गई।
तीन माह से रद्द चल रही पांच ट्रेनें
शुक्लागंज। गंगापुल पर मरम्मत कार्य के दौरान नवंबर माह में कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को लखनऊ-कानपुर रूट पर निरस्त किया गया था। कार्य समाप्त होने के बाद भी अभी भी करीब पांच प्रमुख पैसेंजर ट्रेनों को संचालन न किए जाने के कारण दैनिक यात्रियों को भारी किल्लत उठानी पड़ रही है। करीब तीन माह गुजरने के बाद भी कानपुर-लखनऊ के बीच पांच पैसेंजर ट्रेनें निरस्त हैं। सभी ट्रेनें अमूमन सुबह से दोपहर के बीच चलने वाली हैं। अकेले रायबरेली पैसेंजर से अप और डाउन में बढी संख्या में दैनिक यात्रियों के साथ दूधिए भी सफ र करते है। बीघापुर निवासी रामअचल, बब्बू, रामकुमार, भरोसे, कल्लू ने बताया कि ट्रेन न चलने से उन्हें लोडर या जीप से दूध के पीपे शुक्लागंज लाने पड़ रहे है। वहीं लखनऊ के एमएसटी यात्री राजेश कुमार, महेश, राकेश कुमार ने बताया कि सुबह वाली ट्रेन न चलने के कारण उन्हें लखनऊ प्राइवेट बस से जाना पड़ता है। यदि पैसेंजर ट्रेनें शुरू हो जाए सभी को काफ ी आराम मिलेगा। स्टेशन अधीक्षक कुंवर पाल ने बताया कि सभी ट्रेनें कंट्रोलरूम से ही निरस्त हैं। ट्रेनें कब चलेंगी, इसकी जानकारी नहीं है।