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Unnao News: एक करोड़ का प्लांट, फिर भी खरीद रहे ऑक्सीजन

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जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट। - फोटो : जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट।
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उन्नाव। जिला अस्पताल में एक करोड़ का ऑक्सीजन प्लांट लगा है। इसके बाद भी जिला महिला और पुरुष अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर की खरीद पर हर साल 1.56 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 42 महीनों में ऑक्सीजन खरीद पर 5.47 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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जिला अस्पताल में वर्ष 2021 में पीएम केयर फंड से एक करोड़ की हालत से 960 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा था। सितंबर-2021 में इसका संचालन शुरू हुआ और दावा किया गया था कि ऑक्सीजन की समस्या नहीं होगी। लेकिन सिस्टम की लापरवाही का आलम यह है कि इस प्लांट को चलाने के लिए जरूरी तीन ऑपरेटर की तैनाती नहीं है। दावा किया जा रहा है कि जिला अस्पताल में तैनात एक ड्रेसर (मरहम-पट्टी करने वाला) को प्रशिक्षण देकर रोज सुबह तीन घंटे इससे चलाया जा रहा है। जिला पुरुष अस्पताल में ऑक्सीजन हर साल 83 हजार रुपये और महिला जिला अस्पताल में हर साल 73 हजार रुपये की ऑक्सीजन खरीदी जा रही है। (संवाद)




पाइप लाइन के लिए एमएलसी ने दिए थे 35 लाख

महिला और पुरुष जिला अस्पताल में बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए एमएलसी अरुण पाठक ने निधि से 35 लाख रुपये दिए थे, ताकि पूरे अस्पताल में आक्सीजन की दिक्कत न हो और मरीजों को तत्काल उपलब्ध हो सके।
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10 मीटर पाइप चोरी, खर्च हुए 35 हजार



जिला अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट से पूरे अस्पताल में तांबे (कॉपर) की पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई होती है। 15 दिसंब- 2024 की रात ट्रामा सेंटर के बाहर से करीब 10 मीटर पाइप काट ले गए। 16 दिसंबर को प्लांट चलाने पर ऑक्सीजन लीक होने पर घटना की जानकारी हुई। इसके बाद 10 मीटर पाइप लाइन लगाने पर 35 हजार रुपये खर्च किए गए।





तीन ऑपरेटरों की जरूरत... हैं एक भी नहीं

ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए एक ड्रेसर (मरहम-पट्टी करने वाला) कर्मी तैनात है जो दिन के समय सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक प्लांट ऑपरेट करता है। इससे उत्पादित होने वाली ऑक्सीजन दिन के समय वार्डों मे पहुंचती है। वहीं शाम होते ही वार्ड और इमरजेंसी में मौजूद मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होने पर सिलिंडर की व्यवस्था की जाती है। प्लांट को 24 घंटे चलाने के लिए तीन प्रशिक्षित ऑपरेटरों की जरूरत है।





हर महीने ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत पर एक नजर
जिला अस्पताल पुरुष

15 सिलिंडर बड़े (24 लीटर क्षमता, भरवाने पर 400 रुपये आता खर्च) - कुल 6000 रुपये
04 सिलिंडर छोटे (4.5 लीटर कीमत- भरवाने पर 230 रुपये आता खर्च) - कुल 920 रुपये

जिला महिला अस्पताल
13- सिलिंडर बड़े (24 लीटर - कीमत 400 रुपये) - कुल 5200 रुपये

04- सिलिंडर छोटे (4.5 लीटर - कीमत 230 रुपये) - कुल 920 रुपये
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दोनों अस्पतालों में ऑक्सीजन पर महीने में खर्च - 13040 रुपये
दोनों अस्पतालों में हर साल खर्च - 1,56,480 रुपये
दोनों अस्पतालों में 42 महीने में खर्च- 5,47,680 रुपये


बोले जिम्मेदार
प्लांट को चलाने पर अधिक खर्च, इसे 24 घंटे संचालन में रोड़ा है। प्लांट में ऑक्सीजन स्टोर करने की क्षमता नहीं है। लगातार उपलब्धता के लिए प्लांट को लगातार चालू रखना पड़ेगा। प्लांट चलने पर ही ऑक्सीजन सेंट्रल लाइन के जरिए सप्लाई लाइनों के जरिए वार्ड तक पहुंचती है। प्लांट को लगातार चलाने पर हर महीने करीब तीन लाख रुपये की बिजली खर्च होगी। इसलिए ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदना ही किफायती है। प्लांट में स्टोरेज सिस्टम लगाने और तीन ऑपरेटरों की नियुक्ति के लिए निदेशालय से पत्राचार भी किया है।
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- डॉ. विवेक गुप्ता, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन प्लांट
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