पाटन (उन्नाव)। प्रशासन की अनदेखी के चलते बिहार-मौरावां मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। बरसात के मौसम में राहगीरों का चलना दुश्वार हो गया है। राहगीर गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। बारिश के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे।
बिहार से मौरावां मार्ग एक वर्ष पूर्व बनना शुरू हुआ था। जो आज तक पूरा नहीं हो सका। इस मार्ग से क्षेत्रीय लोग मौरावां होकर लखनऊ तक का सफर पूरा करते हैं, लेकिन पिछले एक वर्ष से इस मार्ग पर वाहन चलाना टेढ़ी खीर हो गया है। बरसात हो जाने के कारण जगह-जगह जल भराव के चलते छोटे वाहन चालकों को गड्ढों का अनुमान नहीं लग पाता, जिसके चलते प्रतिदिन लोग गड्ढों में गिरते हैं।
सबसे खराब स्थित बरुवा गांव के निकट है। जहां, बारिश होने पर सड़क तालाब की तरह नजर आती है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने इस नारकीय यात्रा से मुक्ति दिलाने के लए तहसील दिवसों के माध्यम से जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक गड्ढों की गिट्टी डालकर भराई भी विभाग द्वारा नहीं कराई गई।
सड़क की दुर्दशा के चलते बड़े वाहन पचास किलोमीटर का चक्कर लगाकर वाया उन्नाव से होकर लखनऊ का सफर करने को मजबूर हैं। बिहार निवासी धन्नर तिवारी, पाटन निवासी प्रेमू मिश्र, ने शासन से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की है। इनका कहना है कि इस मार्ग को जल्द सुधरवाया नहीं गया तो हालत और ज्यादा खराब हो जाएगी।