उन्नाव। इस दिवाली दो उत्तम मुहूर्त में दिवाली पूजन कर सकते हैं। गुरुवार दोपहर अमावस्या लगने के बाद शाम को गणेश लक्ष्मी पूजन के लिए दो मुहूर्त रहेंगे। आचार्य ने शाम को दो मुहूर्त में पूजन करना उत्तम बताया है।
गांधीनगर निवासी आचार्य पंकज शुक्ला ने बताया कि प्रदोषकाल में रात्रिव्यापिनी अमावस्या इस बार 31 अक्तूबर गुरुवार दोपहर 3:13 बजे लगेगी, जो एक नवंबर शाम 5:12 बजे तक रहेगी। आचार्य के मुताबिक, 31 अक्तूबर की रात्रि को ही अमावस्या पहुंच रही है। अगले दिन देर शाम प्रतिपदा लगेगी। इसलिए दिवाली मनाना गुरुवार को ही शुभ रहेगा। बताया कि पहला शुभ मुहूर्त प्रदोषकाल में यानी शाम 5:36 बजे से रात 8:11 बजे तक रहेगा। दूसरा उत्तम मुहूर्त शाम 6:25 बजे से शाम 8:15 बजे तक का रहेगा। दूसरा पूजन मुहूर्त वृषभ लग्न में होगा।
जो पुराणों के अनुसार काफी फलदायी होता है। आचार्य के मुताबिक, इन दो मुहूर्त में लोगों को पूजन करना चाहिए।
गोवर्धन पूजा दो व भाईदूज तीन नवंबर को
आचार्य के मुताबिक, भले ही दिवाली गुरुवार को मनाई जाएगी लेकिन गोवर्धन पूजा व भाईदूज एक दिन आगे बढ़ गई है। बताया कि अमावस्या एक नवंबर शु्क्रवार शाम तक रहेगी। प्रतिपदा 5:12 बजे के बाद लगेगी। इसलिए शाम को गोवर्धन पूजा विधिसम्मत नहीं है। इसलिए यह पूजन दो नवंबर की सुबह होगा। इसी प्रकार भाईदूज का पर्व तीन नवंबर को मनाया जाएगा।
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एक नवंबर को सार्वजनिक अवकाश
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि तिथि भ्रम को लेकर दिवाली पर्व 31 अक्तूबर के साथ एक नवंबर को भी मनाया जा रहा है। इसलिए शासनादेश के तहत एक नवंबर को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके सापेक्ष नौ नवंबर को सभी शासकीय कार्यालय सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे।