नवाबगंज टोल प्लाजा पर लगा भीषण जाम।
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नवाबगंज(उन्नाव)। टोल टैक्स चुकाने के लिए वाहनों में फास्टैग की सुविधा लागू होने के बाद से नवाबगंज टोल बैरियर पर वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ रहा है। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए 15 में से सिर्फ 5 लेन (कैश लेन) ही खुले हैं। इससे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। टोल बैरियर पार करने में 30 से 40 मिनट का समय लगता है।
केंद्र सरकार ने पूर्व में 1 दिसंबर से देश के सभी टोल प्लाजा से टोल टैक्स चुकाने के लिए वाहनों में फास्टैग व्यवस्था लागू की थी। हालांकि बाद में इसे 15 दिसंबर और फिर 15 जनवरी कर दिया गया था। निर्देश हैं कि बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए सीमित लेन ही खोले जाएं। जबकि फास्टैग लगे वाहनों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। इसके चलते नवाबगंज टोल प्लाजा के कुल 15 लेन में से लखनऊ से कानपुर की ओर केवल दो लेन और कानपुर से लखनऊ की तरफ तीन लेन को ही कैश लेन रखा गया है। जबकि दोनों तरफ की दस लेन से फास्टैग लगे वाहनों को निकाला जा रहा है। नवाबगंज टोल प्लाजा से चौबीस घंटे में छोटे-बड़े औसतन 20 हजार वाहन निकलते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत वाहनों में अभी भी बिना फास्टैग नहीं लग सके हैं। शुक्रवार सुबह से शाम तक टोल प्लाजा पर लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दोनों तरफ वाहनों की एक किमी लंबी लाइनें लगी रहीं। वाहन चालकों को टोल बैरियर पार करने में 30 से 40 मिनट तक का समय लगा।
फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बाद 42 दिन बाद भी टोल प्लाजा पर फास्टैग लगाने के काम में तेजी नहीं आ पाई है। शुक्रवार को भी वाहनों में फास्टैग लगाने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे लेकिन सिर्फ 52 लोगों को ही फास्टैग मिल पाए। टोल कर्मियों ने बताया कि सर्वर धीमा होने सने एक टैग लगाने और अपडेट करने में 20 से 30 मिनट का समय लग रहा है। वाहन चालक इतनी देर इंतजार करने से बचते हैं। टोल प्लाजा प्रभारी सर्वेश शर्मा ने बताया कि सर्वर की समस्या के चलते फास्टैग जारी करने में देर हो रही है। बताया कि एक जनवरी तक निशुल्क फास्टैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं।