बीघापुर ब्लाक के पाली गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। गांव के तीन बूथों पर एक भी वोट नही पड़ा। पिछले दिनों हुए सड़क हादसे में दर्ज मुकदमों की वापसी की मांग को लेकर अड़े ग्रामीणों को जिला प्रशासन लाख कोशिश के बावजूद मतदान के लिए नहीं मना पाया। प्रशासन ने इस संबंध में रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है।
पाली गांव में चुनाव बहिष्कार के बीच जिले में चौथे और अंतिम चरण में 62 फीसदी वोटिंग हुई। 64 फीसदी वोटिंग के साथ सिकन्दरपुर सरोसी ब्लाक पहले नंबर पर रहा। सबसे ज्यादा डीडीसी और बीडीसी सीटों वाले सिकन्दरपुर करन ब्लाक में वोटिंग प्रतिशत सबसे कम 58.4 रहा।
कुछ गांवों में वोटर लिस्ट से नाम गायब होने और कुछ जगह फर्जी वोटिंग की भी शिकायतें मिलीं। बीघापुर प्रतिनिधि के अनुसार गुरुवार को ब्लाक की पाली ग्रामसभा में जिला प्रशासन की घंटों मशक्कत के बाद भी ग्रामीण मतदान न करने की जिद पर कायम रहे।
दोपहर बाद डीएम सौम्या अग्रवाल व एसपी पवन कुमार ने मतदान केंद्र पहुंच ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर रोड जाम करने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी को लेकर प्रशासन का रुख सकारात्मक नहीं रहा।
इसके कारण गांव के तीन बूथों पर एक भी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला। चुनाव बहिष्कार की घोषण के कारण प्रशासन ग्रामीणों को समझाने में जुटा रहा। लेकिन ग्रामीण न्याय नहीं तो मतदान नहीं के नारे पर डटे रहे। मतदान न होने की सूचना पर एडीएम इन्द्रपाल उत्तम, एसडीएम मृत्युंजयराम, एएसपी रामकिशुन यादव, सीओ माजिद अब्सार ने मतदेय स्थल पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
ग्रामीणों ने नामजद बब्लू व जितेन्द्र समेत डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के बाद ही मतदान करने की शर्त रख दी। प्रेक्षक बृजकिशोर सिंह व डीआईजी बीके चौधरी ने बीघापुर थाने पहुंच कर पाली गांव पहुंचने के निर्देश दिए। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर डीएम व एसपी ने गांव पहुंचकर मुकदमे में नामित बब्लू शुक्ला, जितेन्द्र तथा सड़क दुघर्टना में मृतक दिलशाद के पिता शहबान अली, पूर्व प्रधान बाबू यादव से बात की। डीेएम के काफी समझाने के बावजूद ग्रामीण मतदान करने को तैयार नहीं हुए।
इस पर एसपी ने तल्ख लहजे मेें ग्रामीणों को नसीहत दी जो उन्हे काफी नागवार गुजरी। इसके बाद दोनों अधिकारी चले गए। लेकिन ग्रामीण अंत तक मतदान बहिष्कार के फैसले पर डटे रहे। डीएम ने बताया पाली के तीन बूथों पर एक भी वोट नहीं पड़ा है। जबकि बीडीसी क्षेत्र के अन्य बूथों पर वोटिंग हुई है।
पूरी रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है। उन्होने बताया चौथे चरण का मतदान भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। शाम पांच बजे तक चार ब्लाकों में लगभग 62 फीसदी वोटिंग हुई। मतदान के बाद मतपेटियों को सील कर कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखा गया।