शहर के सिद्घनाथ मंदिर में दर्शन व पूजन करते लोग।
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उन्नाव। महाशिवरात्रि पर शहर से लेकर गांव तक के शिव मंदिर हर-हर महादेव, बम-बम के उद्घोष से गूंजते रहे। सुबह से शुरू हुआ दर्शन व पूजन का सिलसिला शाम तक चलता रहा।
मगरवारा स्थित गोकुलबाबा, शहर के सिद्धनाथ, झारखंडेश्वर, झंडेश्वर, रामेश्वरम, अखिलेश्वर, पातालेश्वर शिव मंदिर के पट सुबह चार बजे से ही खोल दिए गए थे। शिवभक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया। मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
हजारीटोला के प्राचीन श्री सिद्धनाथ बाबा मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजन किया। मानी द्विवेदी, आशीष द्विवेदी (उर्फ बजरंगी), कान्हा श्रीवास्तव व यश मौजूद रहे। फतेहपुर चौरासी में आनंदेश्वर महादेव बाबा के दो मंदिर स्थापित हैं। भक्तों ने बिठूर से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करते हुए पूजन किया। इससे पहले रामचरित मानस का अखंड पाठ हुआ। हसनगंज के सई नदी के तट पर स्थित जलेश्वरनाथ मंदिर, नेवलगंज, नवई, झलोतर व बारा बुजुर्ग स्थित बालेश्वर मंदिर में सुबह से ही लोग पूजन करते रहे।
गंगा में डुबकी लगा किए दर्शन
परियर। शिवरात्रि पर ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था। इसके बाद गंगाजल लेकर बलखंडेश्वर मंदिर पहुंचे। लोगों ने हवन में आहुतियां समर्पित कर मंगलकामनाएं की। वृंदावन धाम से आए रामलीला मंडल के कलाकारों ने शिव तांडव के साथ लीलाओं का मंचन किया। (संवाद)