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Unnao News: 200 से ज्यादा कोचिंग सेंटर खुले, डीआईओएस में सिर्फ एक पंजीकृत

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फोटो-26-पन्नालालपार्क स्थित गली में दो मंजिला इमरात में संचालित कोचिंग। संवाद
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-86 कोचिंग सेंटरों का सितंबर में पंजीकरण हुआ खत्म
-किसी भी सेंटर के पास अग्निशमन विभाग का एनओसी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में बिना पंजीकरण संचालित कोचिंग सेंटर के पास हुए भीषण विस्फोट की घटना ने एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल किए हैं। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक बिना पंजीकरण कोचिंग सेंटरों की भरमार है। तंग गलियों के साथ दो मंजिला इमारतों और बेसमेंट में कोचिंग सेंटर संचालित हैं। ज्यादातर सेंटरों में सुरक्षा मानकों का बुरा हाल है।
डीआईओएस कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो अभिलेखों में 87 सेंटरों का ब्योरा मिला। इनमें से 86 सेंटरों का तीन साल का रजिस्ट्रेशन सितंबर में समाप्त हो चुका है। मौजूद समय सिर्फ एक सेंटर ही शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त है, लेकिन अग्निशमन विभाग का एनओसी किसी के पास नहीं है। धरातल पर यह सभी सेंटर संचालित हैं। अब डीआईओएस व अग्निशमन अधिकारी ने जांच और नोटिस जारी करने की बात कही है।
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शहर में पन्नालाल पार्क, आवास-विकास काॅलोनी, इंद्रानगर, पीडीनगर, शिवनगर और हरदोई पुल के नीचे सहित घरों और गोदामों में कोचिंग सेंटर खुले हैं। शहर में छोटे-बड़े करीब 200 से अधिक कोचिंग सेंटर हैं। मौजूदा समय में मियागंज के अकबरपुर में संचालित एक कोचिंग सेंटर का ही पंजीकरण है।
इन कोचिंग सेंटरों में कक्षा छह से प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी कराई जाती है। घनी बस्तियों शहर के स्टेशन रोड, पन्नालाल पार्क में संचालित कोचिंग सेंटरों की स्थिति यह है कि यहां अगर आग लग जाती है तो दमकल का पहुंचना भी मुश्किल है।
तीन साल के लिए मान्य होता है पंजीकरण, 50 छात्र संख्या पर 10 हजार शुल्क

डीआईओएस कार्यालय के मुताबिक, कोचिंग का पंजीकरण तीन साल के लिए मान्य होता है। 50 छात्र संख्या पर दस हजार रुपये शुल्क जमा होता है। कोचिंग संचालक फार्म भरकर डीआईओएस कार्यालय में जमा करेंगे। वहां से उसे एक कोड दिया जाएगा। उसी कोड नंबर के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जाकर शुल्क जमा करना होगा। कोचिंग संचालन के लिए भवन होना चाहिए। कोचिंग में अध्ययन सामग्री की व्यवस्था हो। पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित स्टॉफ होना जरूरी है।
जिम्मेदार बोले

बिना पंजीकरण कोचिंग सेंटर बंद कराने के लिए पांच मई से तीन जुलाई 2025 तक टास्कफोर्स कमेटी गठित कर जिले भर में जांच कराई गई थी। इसमें 37 कोचिंग बिना मान्यता संचालित मिलने पर उन्हें बंद कराया गया था। नोटिस जारी कर सभी को पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। रजिस्ट्रेशन के लिए 11 नई और पत्रावलियां आई थीं। इसमें फायर एनओसी और ट्रेजरी में रुपये जमा कर मिलने वाला चालान न होने से पंजीकरण नहीं किया गया था।-सुनील दत्त, डीआईओएस।
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मेरी जानकारी में अभी तक जिले में किसी भी कोचिंग संचालक ने फायर एनओसी नहीं ली है। सोमवार से जांच की जाएगी, फायर एनओसी न लेने वालों पर जुर्माना भी किया जाएगा।-राममिलन भारती, अग्निशमन अधिकारी
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