हसनगंज (उन्नाव)। आम के बाग की रखवाली और फसल के विवाद में भतीजे ने चाची के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। गंभीर हालत में परिजन लखनऊ ट्राॅमा सेंटर लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
हसनगंज कोतवाली के रफीगढ़ी गांव निवासी श्यामकली (70) बुधवार सुबह 10 बजे ऊंचगांव निवासी बहन के बेटे दिनेश की मदद से किराए के टैंकर से अपने तीन बीघा आम के बाग की धुलाई करा रही थीं। पिछले तीन साल से इसकी रखवाली और फसल बेच रहे श्यामकली के भतीजे बाबू सिंह को जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचा और बाग की फसल न देने की बात कहते हुए विवाद करते हुए दिनेश और टैंकर चालक के साथ धक्कामुक्की करने लगा।
चाची श्यामकली ने विरोध किया तो बाबू सिंह ने पास में रखे करहा (सिंचाई के लिए नाली बनाने का उपकरण) का डंडा निकालकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर घायल करने के बाद वहां से भाग निकला। सूचना पर बेटी वीरमती और ज्ञानवती पहुंची और दिनेश की मदद से घायल मां को सीएचसी पहुंचाया, हालत गंभीर होने से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया की मृतका की नातिन (वीरमती की बेटी) पूनम की तहरीर पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मौत होने के बाद अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। आरोपी की तलाश की जा रही है।
मृतका के दो बेटियां, भतीजा करना चाहता है कब्जा
मृतका श्यामकली के कोई बेटा नहीं है, केवल दो बेटियां हैं और दोनों का विवाह हो चुका है। वृद्धा की तीन बीघा बाग व जमीन पर कई साल से भतीजा बाबू सिंह (हत्यारोपी) काबिज था। बेटी ने वीरमती ने बताया कि आम की फसल की बिक्री की रकम न देने पर मां श्यामकली ने इस बार बाबू को बाग न देकर खुद ही रखवाली करने की बात कहने लगी। बुधवार को जब वह बाग की धुलाई कराने पहुंचीं तो भतीजा आपा खो बैठा। इसे लेकर पहले भी कई बार चाची से झगड़ा और धमकी दे चुका था।