तहसीलदार समेत अन्य कोर्ट का बहिष्कार पत्र दिखाते अधिवक्ता। संवाद
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सफीपुर। दाखिल खारिज समय से न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने हंगामा करते हुए सभी न्यायालय के कार्यों का बहिष्कार कर दिया। शिकायतों का निस्तारण न होने तक तहसीलदार न्यायालय के बहिष्कार की घोषणा की।
स्थानीय तहसील बार एसोसिएशन के सदस्यों का आरोप है कि उपनिबंधक कार्यालय द्वारा बैनामों में किसी आपत्ति के न होने पर नियमानुसार 40 दिन में दाखिल खारिज हो जाना चाहिए लेकिन तहसीलदार कोर्ट में लंबे समय तक आवेदनों को लंबित रखा जाता है। अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसीलदार न्यायालय में किसी भी नए वाद को दायर करने पर लंबे समय तक उसे ऑनलाइन नहीं किया जाता है। इससे वादी और अधिवक्ता के बीच वाद विवाद की स्थिति बन जाती है। तहसील कार्यालय के अलग-अलग चैंबर में प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा कार्य कराए जाने पर भी अधिवक्ताओं ने विरोध जताया।
पूर्व महामंत्री हरि प्रकाश कुशवाहा ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के साथ सभी न्यायालयों का बहिष्कार किया गया। दाखिल खारिज, नए वाद ऑनलाइन की समस्या का निदान न होने तक तहसीलदार कार्यालय का बहिष्कार रखा जाएगा। इस मौके पर ज्ञान शंकर शुक्ला, हरि प्रकाश कुशवाहा, सतगुरु मिश्रा, कृष्णकांत कनौजिया मौजूद रहे।