बैठक में संबोधित करते बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला। संवाद
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उन्नाव। न्यायालय में ड्रेस कोड का पालन न करने पर न्यायाधीश ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष से आपत्ति जताई। अध्यक्ष टोपी और चश्मा लगाए थे। वकीलों की तय ड्रेस में नहीं थे। बार अध्यक्ष ने टोकने के तरीके पर ऐतराज जताया। इसके बाद एसोसिएशन की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला गैंगस्टर के एक मुकदमे में न्यायालय गए थे। इस दौरान वह अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित ड्रेस में नहीं थे। वह टोपी व चश्मा भी लगाए थे। इस पर न्यायाधीश ने ऐतराज जताया। अध्यक्ष के अनुसार उन्होंने टोपी और चश्मा लगाने के लिए अपनी समस्या भी बताई लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष कचहरी पहुंचे और सभागार में बैठक की। एसोसिएशन की बैठक में सदस्यों ने प्रकरण की निंदा करने के साथ ही बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि वह सातवीं बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। ऐसी स्थिति का सामना पहली बार करना पड़ा। वह दो दिन जिले से बाहर रहेंगे। प्रकरण पर नजर रखने के लिए 11 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें पूर्व अध्यक्ष, महामंत्री व वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। बैठक में बार एसोसिएशन के महामंत्री ब्रजेंद्र शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।