नवाबगंज। डायलिसिस कराने वाले कोविड मरीजों को अब रेफर नहीं किया जाएगा। मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड एलटू अस्पताल के प्रबंधन ने एक डायलिसिस मशीन खरीदी है। इसी सप्ताह से मरीजों को लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा।
सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड एलटू अस्पताल में डायलिसिस पीड़ित मरीजों की सुविधा के लिए 22 लाख रुपये कीमत की दो मशीने खरीदी गई हैं। मशीने आने के बाद अस्पताल के लैब टेक्नीशियन राहुल सविता को जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में भेजकर दस दिन का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के महाप्रबंधक मनोज सिसोदिया ने बताया कि मशीनें आ चुकी हैं। संचालन के लिए लैब टेकभनीशियन को प्रशिक्षण
दिलाया जा रहा है। डायलिसिस मशीन शुरू कराने के लिए आरओ प्लांट की जरूरत होती है। उसका भी काम शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने 15 सितंबर तक डायलिसिस सुविधा शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन 10 सितंबर तक इसे शुरू करा दिया जाएगा। डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्नाव। जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने के लिए आ रहे मरीजों की पहले कोरोना जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही रक्तशोधन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यहां डायलिसिस कराने के बाद मरीज की रिपोर्ट संक्रमित आने पर यूनिट को चौबीस घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि अब जो भी मरीज रक्तशोधन कराने के लिए आएगा उसकी पहली कोविड जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही डायलिसिस की जाएगी।