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150 लाइसेंस धारकों लौटाना पड़ेगा एक शस्त्र

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उन्नाव। शस्त्र लाइसेंस को लेकर गृह मंत्रालय की जारी गाइडलाइन के पेच में जिले के लगभग डेढ़ सैकड़ा लाइसेंसधारक ‘फंस’ गए हैं। अब इन लाइसेंसधारकों को दो से अधिक जितने भी असलहे हैं उन्हें सरेंडर करना होगा। जिला प्रशासन ने थाने के जरिए निर्धारित संख्या से ज्यादा लाइसेंसों को जमा कराने के लिए पुलिस विभाग को पत्र भेजा है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष आर्म्स एक्ट 1959 में संशोधन किया था। नई व्यवस्था के तहत एक व्यक्ति को अधिकतम दो लाइसेंसी शस्त्र रखने की अनुमति दी गई थी। केंद्रीय मंत्रालय से जारी संशोधन आदेश जब प्रदेश सरकार के पास पहुंचा तो सूबे के गृह विभाग ने जिला प्रशासन को इससे संबंधित पत्र जारी किया। आदेश दिया कि
जिन लाइसेंसधारकों के पास तीन शस्त्र हैं तो उनका तीसरा लाइसेंस जमा/सरेंडर कराएं। इसी आदेश के क्रम में जिला प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी किया। एसपी से कहा गया है कि अपने थाना प्रभारियों के माध्यम से क्षेत्र के लाइसेंसी असलहाधारकों से संपर्क करके तीसरा लाइसेंस जमा कराएं। इसके साथ ही कारतूस, खोखे आदि भी थाने में जमा कराकर इसकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं। वहीं, तीसरा लाइसेंस रखने वालों को निर्देश दिया गया है कि वह चाहे तो निकट के थाने या शस्त्र दुकान में इसे सरेंडर कर दें। यदि शस्त्र बेचते हैं तो लाइसेंस के साथ उसकी रसीद भी जमा कराएं।
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जिले में 150 लोगों के पास तीन हथियारों का लाइसेंस है। कलक्ट्रेट सूत्रों के मुताबिक, इनमें अधिकांश लाइसेंसधारक राजनीति से जुड़े माननीय हैं। कुछ ने सुरक्षा तो कुछ ने स्टेटस सिंबल के लिए दो से अधिक लाइसेंस ले रखा है। कई मौजूदा जनप्रतिनिधि हैं तो कुछ पूर्व के माननीय भी शामिल हैं। कुछ ब्लॉक प्रमुख तो कई जिले के प्रभावशाली लोगों में गिने जाने वालों के पास भी तीन हथियार हैं। यही नहीं कई रसूखदार महिलाएं भी तीन लाइसेंस रखने में पीछे नहीं हैं।
अभी तक कराई गई जांच में लगभग 150 लोगों के पास दो से अधिक असलहा होने की पुष्टि हुई है। जांच अभी भी जारी है। इसलिए संख्या बढ़ सकती है। पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही जिला प्रशासन की ओर से भी तीन असलहा रखने वाले लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी करके उनसे थाने या शस्त्र दुकान में जमा/सरेंडर कराने को कहा जाएगा।
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-चंदन पटेल, सिटी मजिस्ट्रेट उन्नाव।
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