उन्नाव। सावन के पहले ही दिन पांच घंटे की 27.5 मिलीमीटर (मिमी) बारिश से गांव में खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। वहीं, शहर के मोहल्लों व बाजारों में भीषण जलभराव हो गया। जब तक बारिश होती रही तब तक मौसम सुहाना रहा लेकिन थमते ही फिर से उमस ने बेहाल कर दिया। इस दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की बिजली आपूर्ति बाधित रही।
सोमवार सुबह 5 बजे शुरू हुई बारिश 10 बजे तक होती रही। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार सफीपुर तहसील क्षेत्र में 56, उन्नाव सदर में 42, पुरवा में 12 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई। तेज बारिश में खेल लबालब हो गए। इससे धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों में खुशी है। वहीं, शहर व अन्य नगरीय क्षेत्रों में जलभराव मुसीबत बन गया। शहर के मोहल्ला आदर्शनगर, गांधीनगर, बंधूहार, शाहगंज, शिवनगर, कल्याणी, पूरन नगर, कंजी, बुधवारी, रामपुरी, तालिबसराय आदि मोहल्लों में भीषण जलभराव हो गया।
बांगरमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की नाला सफाई की पोल खोल दी। प्रमुख बाजार नौनिहालगंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चूड़ी वाली बाजार समेत कई जगहों पर भीषण जलभराव हो गया। नौनिहालगंज तथा चूड़ी बाजार में दुकानों के अंदर तक दो फीट पानी भर जाने से कीमती सामान खराब हो गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष रविकांत गुप्ता ने बताया कि जलभराव से दुकानदारी ठप हो गई। पालिका ने इस बार प्रमुख नाले की सफ ाई में कागजी कोरम ही पूरा किया है।
चकलवंशी संवाददाता के अनुसार, झमाझम बारिश से ग्राम माखी, खुमानखेड़ा, भवानीखेड़ा, नयाखेड़ा व बदनखेड़ा आदि गांव में खेत पानी से लबालब हो गए। गांव के रामसेवक, मैकू, घसीटे, सरवन व अनिल आदि किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई करने में परेशानी उठानी पड़ रही हैं।
शहर से लेकर गांव तक की गायब रही बिजली
पांच घंटे की बारिश से शहर से लेकर गांव तक की बिजली ब्रेकडाउन (तार टूटना) में चली गई। जिससे शहर के बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, आदर्शनगर, गांधीनगर, पीडीनगर, गदनखेड़ा आदि मोहल्लों की बिजली 2 से 3 घंटे गुल रही। नवाबगंज, हसनगंज, औरास, पुरवा, असोहा, सिकंदरपुर करन, बीघापुर आदि ग्रामीण इलाकों की भी कई घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं, पैनल मरम्मत के चलते सिविल लाइन, मौहारीबाग, पूरननगर, रामपुरी, दरोगाबाग, बंधूहार आदि मोहल्लों में 3 से 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। बिजली न आने से उमस में लोग परेशान हो गए। हालांकि बारिश बंद होने के बाद विद्युत अधिकारियों ने कर्मचारी को लेकर फॉल्ट की मरम्मत शुरू कराई। कई जगहों पर फॉल्ट ढूंढने में समय लग गया। जिससे मरम्मत में देरी हो गई।