उन्नाव। सिविल लाइन स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स में शार्टसर्किट से आग लग गई। आग से 7 कंप्यूटर, 6 एसी, यूपीएस, बैट्री व पंखे जलकर राख हो गए। आग स्ट्रांग रूम, स्टेशनी और शाखा प्रबंधक कक्ष तक पहुंचने से पहले ही बुझा दी गई।
पूरे मामले में चौंकाने वाली बात है कि बैंक के बाहर लगे एटीएम के सुरक्षाकर्मी को काफी देर तक घटना की जानकारी तक नहीं हुई और पड़ोसियों ने इसकी जानकारी पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। बाद में पड़ोसियों द्वारा बताए जाने पर सुरक्षाकर्मी हरकत में आया।
आग से कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी बैंक द्वारा नहीं दी गई है। उम्मीद है कि नुकसान लाखों में हो सकता है। पिछले साल भी इसी बैंक में आग लगी थी। एक के बाद एक आग की यह दूसरी घटना साजिश की ओर भी इशारा कर रही है।
शहर के सिविल लाइन स्थित बैंक ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स है। काम खत्म होने के बाद मंगलवार शाम सभी बैंक कर्मचारी बैंक में ताला बंद कर चले गए। मंगलवार देर रात पड़ोस के रहने वाले तिलकचंद ने बैंक से धुआं निकलते देखा तो इसकी सूचना मकान मालिक के पुत्र संदीप त्रिपाठी को फोन पर दी।
संदीप त्रिपाठी ने आग की सूचना पुलिस व दमकल विभाग के साथ ही बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों को दी। कुछ ही देर बाद दमकल विभाग और बैंक के कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंच गए।
ओवरब्रिज की पिलर खुदाई के कारण दमकल गाड़ी बैंक के नजदीक नहीं पहुंच सकी तो फायर ब्रिगेड के जवानों ने पाइप बिछाकर आग बुझाई। आग के कारण बैंक परिसर में काफी धुआं था।
एक गाड़ी जब आग पर काबू नहीं पा सकी तो फायर कर्मियों को दो और गाड़ियां मौके पर बुलानी पड़ी। जिसके बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका।
यूपीएस में शार्टसर्किट के कारण आग लगने की वजह बताई जा रही है। आग में बैंक में लगे सात कंप्यूटर, छह एसी, स्टेशनरी, जरूरी कागजात, पंखे जलकर राख हो गए। घटना की जानकारी पर उपमहाप्रबंधक रवींद्र यादव भी मौके पर पहुंच गए और शाखा प्रबंधक के साथ ही बैंक के दूसरे कर्मियों से पूछताछ की।
उपमहाप्रबंधक से जब घटना के बारे में पूछा गया तो वह बाद में बताएंगे कहकर आगे बढ़ लिए। उन्होंने घटना की जांच कराने की बात भी कही है। बैंक शाखा प्रबंधक शमसुद्दीन ने नुकसान के बारे में जानकारी न होने की बात कही है। आग से जले सामनों को देखकर नुकसान लाखों में होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
एटीएम केबिन सुरक्षित
सिविल लाइन स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स में आग से बैंक को तो खासा नुकसान हुआ लेकिन बैंक के बाहर लगा एटीएम सुरक्षित बच गया।
हादसा या साजिश : बैंक में लगी दूसरी बार आग
ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स में आग लगने की दूसरी घटना है। इससे पहले भी पिछले साल शार्ट सर्किट से बैंक में आग लग चुकी है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर साल दर साल इसी बैंक में आग की घटना कैसे हो रही है।
बैंक अधिकारियों ने अगर पिछली घटना से सबक लिया होता तो इस घटना को टाला भी जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। घटना की जानकारी के बाद मौके पर जुटे लोगों में आगे के पीछे साजिश की भी आशंका जताई है।