उन्नाव। जिला पंचायत में अब वही ठेकेदार टेंडर डाल पाएंगे जो जिला पंचायत में पंजीकृत हैं। अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने अगस्त 2019 को जारी प्रमुख सचिव के आदेश पर रोक लगा दी है।
जिला पंचायत से होने वाले निर्माण कार्यों में विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों द्वारा ही टेंडर प्रक्रिया में भाग ले पाने व कार्य करा पाने की व्यवस्था लागू थी। लेकिन अगस्त 2019 में प्रमुख सचिव पंचायतीराज विभाग ने निर्देश जारी कर जिला पंचायत में पंजीकृत ठेकेदारों के अलावा सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सहित अन्य सरकारी विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों को जिला पंचायत की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने व कार्य कराने की व्यवस्था लागू की थी। इस आदेश के खिलाफ बहराइच, सुल्तानपुर, बलरामपुर सहित कई जिलों के ठेकेदारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर रोक लगा दी है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिला पंचायत से होने वाले विकास कार्यों के लिए अब वही ठेकेदार टेंडर डाल पाएंगे जो जिला पंचायत में पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई ठेकेदार जिला पंचायत में पंजीकरण कराना चाहता है तो उसपर कोई रोक नहीं है।