सीईटीपी दही चौकी में नई मशीन लगाते कारीगर।
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एनजीटी की कार्रवाई की जद में आई 41 टेनरी के संचालकों व सीईटीपी प्रबंधतंत्र ने पूर्ण बंदी से राहत पाने की कवायद शुरू कर दी है। सीईटीपी के उत्प्रवाह को प्रदूषण रहित बनाने के लिए आधुनिक उपकरण लगाने का काम प्रारंभ है। करीब चार करोड़ रुपये खर्च कर सीईटीपी दही चौकी व बंथर में जेट एसपीरेटर, फिल्टर बेल्ट प्रेस मशीन, ब्लोअर व सरफेस एरिएटर लगाए जाएंगे। सीईटीपी प्रबंधतंत्र ने एक माह में नई मशीनों को लगवाने का लक्ष्य तय किया है। इसके बाद सीपीसीबी को दोबारा रिपोर्ट भेजी जाएगी। सीपीसीबी की क्लीन चिट मिलने के बाद ही टेनरियों में काम शुरू हो सकेगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने लगातार पांच दिन तक सीईटीपी (कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) दही चौकी व बंथर में पानी के उत्प्रवाह की जांच की थी। सीपीसीबी ने जांच रिपोर्ट एनजीटी को दी थी। रिपोर्ट में खामियां मिलने पर एनजीटी ने सीईटीपी से जुड़ी 41 टेनरियों को तब तक बंद करने के आदेश दिए थे जब तक खामियां दूर नहीं हो जाती। एनजीटी के आदेश पर सीपीसीबी ने 41 टेनरियों में उत्पादन बंद करा दिया है।
माघ मेला के दौरान तीन माह की बंदी और अब अनिश्चितकालीन बंदी के डर से टेनरी संचालकों ने सीईटीपी प्रबंधतंत्र के साथ मिल खामियों को दूर करने का काम शुरू कर दिया है। जिसके तहत दही चौकी व बंथर सीईटीपी के लिए जेट एसपीरेटर, फिल्टर बेल्ट प्रेस मशीन, ब्लोअर व सरफेस एरिएटर मशीन की खरीद कर ली गई है। दोनों सीईटीपी में नई मशीनों को लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। सीईटीपी प्रबंधतंत्र के अनुसार एक माह के अंदर नई मशीनों को लगा लिया जाएगा। मशीनों की खरीद व उन्हें लगवाने में लगभग चार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जिसके बाद रिपोर्ट सीपीसीबी को भेजी जाएगी। सीपीसीबी के अधिकारी सीईटीपी का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट एनजीटी को सौपेंगे। रिपोर्ट सही मिलने पर दोबारा टेनरी खोली जा सकेंगी।