पर्यावरण की गंभीर होती स्थिति को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब असलहों के लाइसेंस का नवीनीकरण तभी होगा जब आवेदक दो पौधे लगाएंगे। पौधा खरीदने की रसीद और रोपण के समय की फोटो लगाने के बाद ही शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।
जनपद में शस्त्र (बंदूक, राइफल व रिवाल्वर) लाइसेंसधारकों की संख्या 23 हजार से अधिक है। इन शस्त्र लाइसेंसों का हर तीन साल में नवीनीकरण कराना होता है। नवीनीकरण के लिए संबंधित तहसील में आवेदक को आवेदन करना होता है। जिला प्रशासन ने इन लाइसेंसधारकों के जरिए पर्यावरण को सुधारने की नई व्यवस्था की है। जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने सभी एसडीएम को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो लाइसेंसधारक नवीनीकरण के लिए आए उससे पौधरोपण कराया जाए। यह अनिवार्य कर दिया जाए कि जो पौधरोपण नहीं करेगा उसका लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होगा।
हर आवेदक को लाइसेंस नवीनीकरण से पहले दो छाया व फलदार पौधे लगाने होंगे। लाइसेंस धारक को पौधरोपण के समय अपनी फोटो भी खिंचवानी होगी। साथ ही जहां से पौधे खरीदेंगे उस पौधशाला की रसीद भी आवेदन फार्म के साथ लगानी होगी। आवेदनपत्र के साथ पौधे लगाते फोटो व खरीद की रसीद भी संलग्न करना अनिवार्य है। मुख्य विकास अधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने यह व्यवस्था लागू की है। इससे साल भर में हजारों पौधे रोपित हो जाएंगे। इस व्यवस्था से पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में काफी हद तक मदद मिलेगी। इसके अलावा कई अन्य व्यवस्थाओं में इसे लागू करने पर विचार चल रहा है। इसका मकसद जनपद में ज्यादा से ज्यादा हरियाली लाना और पर्यावरण को शुद्ध बनाना है।