उन्नाव। प्याज अब काटने में ही नहीं खरीदने में भी आम आदमी को रुला रहा है। प्याज को सब्जियों में स्वाद लाने का मुख्य साधन माना जाता है। इसलिए शायद ही कोई ऐसी सब्जी हो जिसमें इसका उपयोग न किया जाता हो। यदि इसके दाम बढ़ जाते हैं तो आम आदमी के किचन के बजट को तो निश्चित रूप से बिगड़ना ही है। इन दिनों प्याज के दाम बढ़ने से आम लोगों को झटका लगा है। इसके अलावा अन्य हरी सब्जियों को खरीदने में भी लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
पंद्रह दिन पूर्व 15 से 20 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिक रहा प्याज 50 से 60 रुपये में बिकने लगा है। इससे आम लोगों के किचन का बजट बिगडने लगा है। सब्जी विक्रेता इसके दामों में अभी और भी इजाफा होने की बात कह रहे हैं। सब्जी विक्रेता लईक अहमद, दिवाकर सिंह व रामचंद्र कुशवाहा ने कहा कि थोक व्यापारी बताते हैं कि प्याज को भारी मात्रा में स्टोर किया जा रहा है। इसलिए इसके दामों में तेजी से उछाल आया है। अभी जो माल मंडी में है वह बाजार में आ रहा है इसलिए दाम अभी सीमा में हैं। जैसे ही थोक मंडी में प्याज की कमी आएगी बाजार में प्याज के दामों में और भी तेजी आने के आसार हैं।
वहीं गृहिणी शालिनी शुक्ला, रुबीना बानो, शीतल श्रीवास्तव व मंजू सोनी ने कहा कि प्याज के दाम बढ़ने से खाने का जायका फीका हो गया है। इसके अलावा अन्य सब्जियों के दामों के बढ़ जाने से अधिक परेशानी हो रही है। अधिक रेट होने के कारण किचन का बजट भी बिगड़ रहा है।