उन्नाव। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही आशाओं को अब प्रति माह एक हजार रुपये मिलेंगे। महीने की आखिरी तारीख को रुपये खाते में भेज दिए जाएंगे। पैसा ट्रांसफर होने के बाद स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी इसकी रिपोर्ट जिला कम्यूनिटी प्रॉसेस प्रबंधक को भेजेंगे।
गर्भवती के लिए आशाओं द्वारा किए जा रहे कार्य के लिए अभी तक टुकड़ों में बजट भेजा जाता था। इससे आशाओं को समय से वह धन नहीं मिल पाता था। इससे उन्हें कार्य करने में परेशानी होती थी। शासन ने अब इस व्यवस्था को समाप्त कर हर महीने की अंतिम तारीख को एक मुश्त धनराशि खाते में भेजने के निर्देश दिए हैं।
इस नई प्रक्रिया के तहत ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में होने वाली ग्रामीण स्वच्छता पोषण समिति की बैठक के लिए 150 रुपये, ग्रामीण स्वच्छता पोषण दिवस पर उपस्थित रहने व बच्चों को बुलाने पर 200 रुपये, पीएचसी पर आने-जाने के लिए 150 रुपये, परिवार नियोजन के दंपतियाें की सूची बनाने के 100 रुपये, गर्भवती के टीकाकरण के लिए 100 रुपये आशा रजिस्टर भरने के लिए 100 रुपये, पीएचसी पर बैठक के लिए 100 रुपये, अपने कार्यक्षेत्र में गर्भवती की सूची बनाने के लिए 100 रुपये दिए जाएंगे।
इस कार्यक्रम की देखरेख के लिए जिला कम्यूनिटी प्रॉसेस प्रबंधक डॉ. अभय द्विवेदी व एसीएमओ डॉ. एके रावत को लगाया गया है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी हर माह इसकी रिपोर्ट इन्हीं दोनो अधिकारियों को देंगे।
यदि पैसे के ट्रांसफर में गड़बड़ी पाई गई तो स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी पर ही कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं डीएम की अध्यक्षता में होने वाली स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी इसकी समीक्षा की जाएगी। जनपद की 2268 आशाओं पर प्रति माह 2,268000 रुपये का खर्च आएगा।