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Unnao News: उन्नाव से लखनऊ डेढ़ घंटे की दूरी, तीन घंटे मजबूरी

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उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर जाम लोगों के जी का जंजाल बन गया है। शहर के आवास विकास बाईपास से लखनऊ चार बाग बस स्टेशन तक की डेढ़ घंटे की दूरी तय करने में बस को तीन घंटे लग रहे हैं। कहीं डायवर्जन तो कहीं सड़क और फ्लाईओवर का काम चलने से यातायात रेंगता है। शनिवार को बस से लखनऊ तक का सफर करके हाईवे के हालात का जायजा लिया गया तो बदतर स्थिति सामने आई।
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लखनऊ-कानपुर-उरई-झांसी तक चलने वाली उन्नाव डिपो की बस कानपुर की तरफ से आकर सुबह 9:50 बजे रुकी। तीन महिलाओं सहित 12 लोग दस यात्री सवार हुए। 10 बजे बस चली और दही चौकी के लोनी ड्रेन के पुल पर पहुंची तो जाम ने रास्ता रोक दिया। यहां लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर रोडवेज वर्कशॉप मोड़ के सामने से आवास विकास तिराहा पुल तक करीब दो किलोमीटर सड़क बनाने का काम चलने से कानपुर जाने वाले गलत लेन से निकलने से यातायात रेंगता रहा।
दो किलोमीटर की दूरी तय करने में 25 मिनट लगे। इसके बाद बस आगे बढ़ी तो पुरवा मोड़ पर उलझे यातायात में फंस गई। यहां 600 मीटर की दूरी तय करने में 20 मिनट और लग गए। जैसे-तैसे बस आगे बढी। नवाबगंज में एक यात्री ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने ब्रेक लगाई और सवारी बैठाई। 11:40 बजे बस सोहरामऊ के सई नदी पुल से आगे बढ़ी तो यहां एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का काम चलने से वाहनों की लंबी कतारों के बीच रेंगकर चलने लगी। बनी से जुनाबगंज, दरोगाखेड़ा और बंथरा की पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे का वक्त लग गया।
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परेशान यात्री बोले- कटता नहीं है सफर
बस में सवार यात्री परेशान होकर व्यवस्था को कोसते रहे। किसी ने मूंगफली खाकर समय काटा तो कोई मोबाइल में व्यस्त रहा। यात्रियों में शुक्लागंज निवासी सुधीर ने बताया कि उन्हें एक रिश्ते की बहन का तिलक लेकर परिजनों के साथ बाराबंकी जाना था। दोपहर को सभी को निकलना था। लेकिन वह समय से नहीं पहुंच पाए। अब उन्हें अकेले ही किसी यात्री वाहन से बाराबंकी पहुंचना होगा। कानपुर बादशाही नाका की सुमन ने बताया कि उनकी बहन लखनऊ के जुनाबगंज में रहती हैं। उनके बेटे की वरीक्षा में शामिल होने जा रही हैं, लेकिन रास्ते में ही दोपहर हो गई। जाजमऊ के मोहित श्रीवास्तव, शहर के मोतीनगर निवासी मोहम्मद इस्माईल, सुजीत आदि ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से अक्सर लखनऊ जाना होता है। महीनों से जाम झेलना पड़ रहा है। बताया कि लखनऊ जाने और आने में कम से ढाई-तीन घंटे का समय लगता है। बस में बैठा यात्रियों ने माना कि निर्माण कार्य जरूरी है। कभी-कभार की बात अलग है लेकिन रोज-रोज यातायात प्रभावित होना ठीक नहीं है। एनएचएआई, प्रशासन और निर्माण एजेंसियों को जरूरी कदम उठाने चाहिए।

कोट

निर्माण एजेंसियों को यातायात प्रभावित न होने देने के सख्त निर्देश दे रखे गए हैं। समस्या से निपटने के लिए भारी वाहनों को हाईवे से लखनऊ आने पर रोक लगा रखी गई है। निर्माण एजेंसी को डायवर्जन प्वाइंट दुरुस्त रखने, हाईवे कम से कम घेरने के निर्देश दिए जाएंगे। एक-दो दिन में स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्था की जांच भी करेंगे और जो भी जरूरी होगा कदम उठाए जाएंगे।
- सौरभ चौरसिया, पीडी एनएचएआई

सड़क निर्माण आधी लेन में कराने और आधी लेन से यातायात चालू रखने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए गए हैं। यहां पर यातायात पुलिस जवानों की ड्यूटी भी लगाई जाती है। इस समय कई की ड्यूटी कुंभ व अन्य जिलों में लगने से समस्या हो रही है। उन्नाव जिले में पुरवा मोड़ के डायवर्जन प्वाइंट स्थिति ठीक रहती है, केवल सड़क बनाने वाले स्थानों पर कुछ समस्या होती है।
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- भवन सिंह मौर्य, यातायात प्रभारी
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