सोनिक (उन्नाव)। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे में खंभारखेड़ गांव के पास मवेशी चरा रहे वृद्ध को निर्माण एजेंसी के वाहन ने कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर भाग गया। पुलिस ने कब्जे में लेकर चालक का पता लगा रही है।
दही थानाक्षेत्र के खंभारखेड़ा गांव निवासी कमलेश यादव (55) सोमवार शाम चार बजे गांव मवेशी चराने गया था। मवेशी चर रहे थे तभी वह निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के पास बैठ गए। इसी दौरान आ रही निर्माण एजेंसी की तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद लोगों भीड़ लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच जांच की। पति की मौत से पत्नी कैलाश कुमारी, दाे बेटे प्रमोद, मनोज बेहाल हैं।
थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि दुर्घटना में शामिल गाड़ी गंगा एक्सप्रेसवे की कार्यदाई संस्था पटेल इंफ्रस्ट्रैक्चर में संबद्ध है।
वाहन का बीमा खत्म, प्रदूषण मुक्त भी नहीं
जिस बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत हुई वह बिना बीमा और प्रदूषण के ही दौड़ रही थी। घटना के बाद जब उसका बीमा चेक किया गया तो वह एक मई को खत्म मिला। 30 अप्रैल को प्रदूषण भी समाप्त हो चुका है। इसके बाद भी चालक हाईवे सहित अन्य स्थानों पर उसे धड़ल्ले से दौड़ा रहा था। इससे यह भी पता लगता है कि अगर निर्माण कार्य में लगे अन्य वाहनों की जांच कराई जाए तो वह भी मानकों को ताक पर रख दौड़ रहे होंगे।