मुख्यमंत्री आदेश के बावजूद विकास कार्य हवाहवाई साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने आवास, बिजली, सड़क व हैंडपंप की समस्या मुख्यमंत्री को रोककर बताई थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांव में त्वरित जांचकर मांगे पूरी करने की बात कही थी लेकिन विभागीय लापरवाही से गांव में मात्र दो हैंडपंप लगाकर ही लोगों को सांत्वना दे दी है। इससे ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति रोष व्याप्त है।
विकासखंड मियागंज की ग्रामपंचायत सलेमपुर के मजरा रघुवरखेड़ा की आबादी लगभग 175 है। जिसमें आवास, पानी व सड़क की गंभीर समस्या है। कुछ पात्र लोगों को पेंशन भी नहीं मिल पा रही है। 3 नवंबर को इस रास्ते मुख्यमंत्री के विकास यात्रा की सूचना ग्रामीणों को मिलते ही लालू, जगनू, रामऔतार, रामदास, परमीना, केशाना, रामदुलारी, रामकली, नन्ही, श्यामा, माधुरी व रजनीश आदि ने चकलवंशी-संडीला मार्ग पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफि ला रोक लिया। भारी भीड़ देख सीएम गाड़ी से बाहर आए और ग्रामीणों से समस्याएं पूछीं। इस पर कुछ लोगों ने आवास की समस्या बताई तो कुछ ने हैंडपंप का मुद्दा उठाया। सीएम समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन देकर वहां से चले गए थे। इसके बाद दूसरे दिन अधिकारियों ने गांव पहुंचकर समस्याओं का जायजा लिया था। अफसरों ने दूसरे दिन ही दो हैंडपंप गांव में लगवा दिए लेकिन फाउंडेशन बनाने की जहमत नहीं उठाई। इस मामले को छह दिन बीत चुके हैं लेकिन आज तक कोई अन्य काम नहीं हुआ है। परमीना ने बताया कि हमारा पूरा कच्चा मकान गिर रहा है। आवास की मांग की थी। इसी तरह केशाना, रामदुलारी व रामकली आदि ने बताया कि उन लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है जिसकी शिकायत की थी। गांव में बिजली नहीं है और ना ही खंभे लगे हैं। जिससे हम लोग दिया की रोशनी में जीवन गुजार रहे हैं। ग्रामीणों में अफसरों के प्रति रोष व्याप्त है कि जब प्रदेश के मुखिया ने विकास का आदेश कर दिया है फि र भी अधिकारी विकास नहीं करा रहे हैं।