देश भर में 500 व 1000 के नोटों का चलन बंद होने के दूसरे दिन घर-बाहर यही मुद्दा चर्चा में रहा। हमेशा भीड़ से पटे रहने वाले बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि बड़े नोट बंद होने से जिले में 25 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित रहा। लोगों में नोटों के चलन और खर्च करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी रही। लोग पांच सौ व हजार के नोट देकर रेल टिकट, बस टिकट खरीदने के अलावा बिजली बिल भी जमा करने पहुंचे। वहीं पेट्रोल पंपों पर भी लोग पेट्रोल व डीजल भरवाने में भी कर्मचारियों से जद्दोजहद करते रहे। शहर के हर गली, मोहल्ले व चौराहों पर सिर्फ करेंसी को लेकर ही चर्चा रही। सबसे अधिक परेशानी आम आदमी जैसे रोज कमाकर अपनी रोजी रोटी चलाने वालों को हुई। जिन्हें पांच सौ व हजार की नोट से राशन तक नहीं मिल सका। हालांकि मध्यम वर्गीय लोगों ने इस फैसले को परेशानी होने के बाद भी सराहा।
25 करोड़ का व्यापार रहा प्रभावित
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि बड़े नोट बंद होने से छोटा दुकानदार भयभीत है। वह इन नोटों को लेने से डर रहा है। हालांकि जो भी बुद्धिजीवी दुकानदार हैं वह अभी नोट ले रहे हैं लेकिन उन लोगों ने भी 11 नवंबर से इन नोटों को लेने से मना कर दिया है। वहीं दोपहिया, चौपहिया वाहनों व इलेक्ट्रॉनिक शोरूमों में भी ग्राहक नहीं दिखाई दिए। जिससे जिले में करीब 25 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित रहा।
एआरटीओ दफ्तर में होती रही तकरार
वाहन टैक्स जमा करने वालों की लगी भीड़, बाबू के मना करने पर हुई तकरार
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव।
पीएम मोदी के मास्टर स्ट्रोक से हर तरफ अफरा तफरी का माहौल बन गया है। जिससे उपसंभागीय परिवहन कार्यालय भी अछूता नहीं रहा। बुधवार की सुबह होते ही एआरटीओ में वाहन टैक्स जमा करने वालों की भीड़ लग चुकी थी। यही हाल डीएल विंडो, फिटनेस विंडो का भी था।
हर कोई मोदी के फैसले के चलते पांच सौ या फिर एक हजार की नोट लेकर पहुंचा था। यानी कि टैक्स भी जमा हो जाएगा और नोट भी चल जाएंगे। इस सोच को उस समय झटका लग गया जब कार्यालय में पांच सौ व एक हजार नोट के लेन-देन पर रोक लगा दी गई। जिससे कुछ देर बाद ही कार्यालय परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया और बाबू व गाड़ी मालिकों में नोकझोंक का माहौल बन गया। इस बीच बीघापुर क्षेत्र के रैथाना निवासी कुमोद कुमार पिकप का टैक्स जमा करने आए थे। जैसे ही उन्होंने एक हजार की नोट काउंटर पर जमा करने को दिए तो बाबू की सीट संभाल रहे आरके मौर्य भड़क गए। दोनों में तीखी नोकझोंक के साथ ही गालीगलौज शुरू हो गई। मारपीट की नौबत आती तब तक अन्य बाबुओं की सूझबूझ से हालात सामान्य हो गए। यही नहीं एआरटीओ के कैश काउंटरों पर दोपहर बाद तक पांच सौ व एक हजार की नोटों ने माहौल बिगाड़े रखा। एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने बताया कि कार्यालय में रोजाना लगभग छह लाख का कैश जमा होता है। जबकि बुधवार को पुरानी करेंसी बंद होने से करीब डेढ़ लाख का कैश ही जमा हुआ।
ज्वैलर्स हाथ जोड़कर वापस करते नजर आए
बुधवार की दोपहर अमर उजाला टीम ने शहर स्थित कई ज्वैलर्स शॉप में चहलकदमी की। जहां ग्राहक भी मिले लेकिन ज्वैलर्स तौबा-तौबा करते नजर आए। वो इसलिए कि जो भी आता भईया वजन चेन, अंगूठी, हार के साथ ही डायमंड ज्वैलरी की मांग करता। जिस पर दुकानदार आइटम बाद में दिखाते पहले पूछते कि कैश पांच सौ की नोट में है या फिर एक हजार की नोट में। जैसे ही पुरानी करेंसी का पता चलता तो दुकानदार हाथ जोड़ वापस कर देते। काफी देर बहस करने के बाद अंत में लोगों के अरमानों में यहां भी पानी फिर जाता। हर दुकानदार मोदी के फैसले का स्वागत कर रहा था लेकिन व्यापार ठप होने का रोना भी रो रहा था।
मरीज लगाते रहे गुहार, मायूस हो लौटे
नोट बंद होने का खामियाजा पैथोलॉजी पर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्केन व जांच कराने पहुंचे मरीजों को भी झेलना पड़ा। जिला अस्पताल के पास स्थित एक पैथोलॉजी में अल्ट्रासाउंड व जांच कराने पहुंचे उन लोगों को भटकना पड़ा जो पांच सौ व एक हजार की नोट लेकर पहुंचे थे। मरीज रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारियों से नोट लेने की गुहार लगाते रहे लेकिन जिम्मेदार पसीजे नहीं। जिसके चलते मरीजों को भटकना पड़ा। तो वहीं दूसरी पैथोलॉजी ने मरीजों की समस्या को देखते हुए नोट लेने से इंकार न कर मानवता की मिशाल पेश की।
कल बारात जानी है, कैसे हो तैयारी..........
शहर के मोहल्ला जफर तरफ निवासी सैफ खान के मामू की बारात गुरुवार (आज) जानी है। जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही थी। मगर मंगलवार देर शाम पांच सौ व एक हजार का नोट बंद होने से परिवार में खलबली मच गई। बुधवार की सुबह सैफ खान मोतीनगर स्थित एक मुद्रा एक्सचेंज कार्यालय में एक लाख की नकदी लेकर पहुंचा। जिसके बदले युवक ने पचास या फिर सौ की नोट की गड्डी मांगी तो रिसेप्शन से बैठी मैडम ने इंकार कर दिया। जिस पर युवक परेशान हो गया और चिल्लाने लगा कि कल आप ही के यहां से कैश ले गया था। इसलिए आपको बदलकर देना ही पड़ेगा। कर्मचारियों के साफ इंकार करने पर सैफ परेशान होकर निकला और बोला कि कैसे होंगी बाराती की अन्य तैयारियां। अंत में उसे मायूस होकर ही लौटना पड़ा। इसके अलावा रसूलाबाद के मनोज तिवारी, बंदाखेडा़ के शिवकुमार भी परेशान थे। हो भी क्यों न नवंबर माह के अंत में पुत्री की शादी जो है।
क्या बोले लोग
पीएम मोदी का फैसला स्वागत योग्य है। शार्ट टाइम के फैसले से लोगों में अफरा तफरी का माहौल मचा है। लोग सोना व डायमंड की खरीदारी के लिए आए तो लेकिन पांच सौ व एक हजार की नोटों के साथ। जिससे व्यापार का कोई मतलब नहीं होता और व्यापार ठप रहा। मुकेश शुक्ल, ज्वैलर्स व्यापारी
कालाधन को लेकर हो-हो हल्ला कर रहे विपक्षियों को पीएम ने करारा जवाब दिया है। पीएम का फैसला दूरगामी है। फैसले से बड़े उद्योगपतियों को झटका लगा है। इसके अलावा उन परिवारों को दिक्कत होगी जिनके घर वैवाहिक समारोह है। रजनीकांत श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष।
पेट्रोल पंप पर रही मारामारी
मंगलवार देर रात से ही पेट्रोल पंपों पर लोगों की कतार लगने लगी थी। जो बुधवार को पूरा दिन बनी रही। हर कोई पांच सौ व हजार की नोट लेकर गाड़ी में पेट्रोल व डीजल डलवाने पहुंच रहा था। कर्मचारी नोट लेने से मना कर रहे थे या फिर पूरी रकम का ईंधन डलवाने की बात कह रहे थे।। इसको लेकर गाड़ी मालिकों व कर्मचारियों में नोंक झोंक भी खूब देखने को मिली।
एसडीएम और सीओ रहें सतर्क, डीएम
डीएम सुरेंद्र सिंह ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट पर बंदिश को देखते हुए सभी एसडीएम और सीओ को सर्तकता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी शासकीय भवनों, बैंक, पोस्टआफिस, एटीएम बूथ, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पेट्रोल पंप, ज्वेलरी की दुकानों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बैंकों और बाजारों की रहेगी कड़ी सुरक्षा, एसपी
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि गुरुवार को सभी बैंक व पोस्टआफिस खुलेंगे। इनमें भारी भीड़ होगी बैंकों में खाते में रुपया जमा करने और नए बैंक एकाउंट खुलवाने वालों की भीड़ होने की संभावना को देखते हुए सभी सीओ और एसओ को बैंकों-डाकघरों के अलावा बाजारों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
एएसपी ने व्यापारियों से की सहयोग की अपील
एएसपी हरदयाल और सीओ सिटी ने पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने को लेकर तमाम तरह की अफवाहों और विवाद होने की सूचनाएं आने के बाद व्यापारियों का साथ बैठक की। शहर कोतवाली में हुई इस बैठक में दवा व्यापारी, सराफा कारोबारी, पेट्रोलपंप मालिकों व अन्य व्यापारियों के साथ बैठक की। अपर पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों से कहा कि वह लोगों की जरूरत को समझें और पांच व एक हजार रुपये स्वीकार कर उन्हें जरूरत के अनुसार सामग्री देकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी के यहां शादी या अन्य कोई जरूरी काम है तो व्यापारी उस जरूरतमंद से आपसी सामंजस्य बनाकर सहयोग करें और सामग्री उपलब्ध कराएं।