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‘किसानों की नहीं ली जा रही सुध’

Tue, 02 Feb 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी किसानों का दर्द समझने के लिए कोई आगे नहीं आया। सरकारें आईं और चली गईं लेकिन किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है। सीमा पर जवान और खेत पर किसान के लिए कोई आरक्षण सरकारें नहीं दे पा रही हैं।
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यह आरोप किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने पुरवा विधानसभा के अंतर्गत विकासखंड असोहा के ग्राम समाधा में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए लगाए। कहा कि प्रदेश की सरकार किसान वर्ष मना रही है लेकिन सूबे में किसानों की हालत दिन पर दिन और गिरती जा रही है। मुआवजे का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। उन्होंने किसान आयोग के गठन की मांग सरकार से करते हुए कहा कि सातवें वेतन आयोग में वृद्धि हो गई है लेकिन किसानों के लिए कोई आयोग नहीं है।
धर्म के नाम पर जब कोई आत्महत्या करता है तो सरकार उसे लाखों रुपये का अनुदान दे देती है। देश के जवान व किसान मौजूदा सरकारों की राजनीति का शिकार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संगठित होकर ही हमें अपना हक मिल सकता है। पंचायत को संजय द्विवेदी, सोनू तिवारी, राधेश्याम गुप्ता आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सर्वेश पाल तथा संचालन अनुज शुक्ला ने किया। पंचायत के आयोजक मंयक मिश्रा के साथ विजय बहादुर सिंह, हरिकेश यादव, कुंवर सिंह, राहुल शुक्ला, मंगल रावत, तेज नारायण, धर्मपाल, राहुल राघव मौजूद रहे।
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