उन्नाव। मैडम, हफ्ते में केवल एक दिन दूध मिलता है और ड्रेस अभी तक नहीं मिली है। खिड़कियों में शीशे नहीं हैं और खाना भी मेन्यू के हिसाब से नहीं मिलता है। ये शिकायत राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा से कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने निरीक्षण के दौरान की। वह बुधवार को निरीक्षण पर निकली थी। इन जवाबों को सुनते ही उनका पारा चढ़ गया और उन्होंने कैंप प्रभारी, केजीबी जिला समन्वयक सहित अन्य अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा व सर्व शिक्षा अभियान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बुधवार को कस्तूरबा गांधी विद्यालय बिछिया व एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले कैंप में बने खाने को एमडीएम मेन्यू से मिलवाया। जब खाना मेन्यू के हिसाब से नहीं मिला तो कैंप प्रभारी को फटकार लगाई। वहीं सप्ताह में दो दिन बुध व शनिवार को दूध मिलने के स्थान पर जब बच्चों ने मात्र एक दिन ही दूध मिलने की बात कही तो निदेशक का पारा और भी चढ़ गया।
कुछ बच्चों ने अभी तक ड्रेस भी उपलब्ध न होने की बात बताई। इसके अलावा कैंप में लगी खिड़कियों के शीशे भी टूटे मिले। इनमें शीशे लगवाने के निर्देश बीएसए को दिए। इसी दौरान उन्होंने छात्र नामांकन रजिस्टर की भी जांच की तो इसमें बीते साल व इस साल दर्ज छात्र-छात्राओं के नामों में गड़बड़ी मिली। इस पर वह रजिस्टर अपने साथ ले गई। कस्तूरबा गांधी विद्यालय व एक्सीलरेटेड कैंप में मिली खामियों पर उन्होंने कैंप प्रभारी शशि प्रभा को व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इस बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह को सभी बच्चो को सीज फायर के संचालन की भी ट्रेनिंग दिलाने के निर्देश दिए। इस मौके पर विद्यालय के बच्चों ने ‘ऋतु बसंती आई रे’ शीर्षक पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। अधिकारियों के अलावा बीईओ मुख्यालय राजेश सिंह, केजीबी जिला समन्वयक पूजा सिंह आदि मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षाधिकारी बिछिया उमाकांत कनौजिया नदारद रहे।