उन्नाव। ठेकेदार और उसके साथियों पर जिला पंचायत कार्यालय में मारपीट और अगवा करके दस लाख फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले जिला पंचायत सदस्य ने गुरुवार को यू-टर्न ले लिया। सदर कोतवाली में दिए गए लिखित सुलहनामा में उन्होंने बकाया 7.80 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद है। उन्होंने बकाया रकम चुकाने के लिए तीन महीने का वक्त मांगा है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शनिवार को दर्ज हुई रिपोर्ट खारिज कर दी गई है।
फतेहपुर चौरासी द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य और आसीवन थानाक्षेत्र के दरिहट गांव निवासी संजय कुमार लोधी के साथ शनिवार शाम को एक ठेकेदार और उसके साथी जिला पंचायत कार्यालय में मारपीट करने के बाद अपनी कार में डालकर भाग निकले थे। जिला पंचायत सदस्यों को उठाने वालों पर नौ लाख रुपये फिरौती की मांग करने और हाइवे स्थित एक इंटरलॉक ब्रिक फैक्ट्री में बंद करने की सूचना दी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर ठेकेदार और उसका साथी भाग निकला था जबकि फैक्ट्री मालिक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। संजय ने ठेकेदार फरीद और उसके साथी आरिफ समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, अपहरण और फिरौती मांगने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना की तफ्तीश में सदर कोतवाली पुलिस ने अपहरण और फिरौती नहीं, बल्कि काफी समय से बकाया लाखों की रकम को वसूलने के लिए दबाव बनाने का मामला पाया। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक जांच में पता चला कि ठेकेदार और उसके साथी ईट भट्ठा स्वामी का लाखों रुपये बकाया है। संजय ने दो बार चेक दिए जो बाउंस हो गए। संजय के खिलाफ चेक बाउंस होने की रिपोर्ट भी चल रही है।
रविवार को कोतवाली प्रभारी ने संजय को बुलाया और जांच के दौरान सामने आई बातों की जानकारी की। मामला खुला तो संजय ने आरोपियों के पक्ष में सुलहनामा लगा दिया। कोतवाली प्रभारी परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य ने बकाया रकम चुकाने के लिए तीन महीने की मोहलत मांगी है। उन्होंने बताया कि शनिवार को दर्ज किया गया मुकदमा खारिज कर दिया गया है।