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Unnao News: सड़कों की मरम्मत के लिए नहीं मिला बजट, तीन लाख आबादी परेशान

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उन्नाव। निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे में मिट्टी भरान व निर्माण सामग्री की ढुलाई करने वाले डंपरों से 106 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। इन सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी ने यूपीडा से 55 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला। सड़कें न बनने से तीन लाख की आबादी परेशान है।
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जिले की छह तहसीलों के 76 गांव से गंगा एक्सप्रेसवे निकल रहा है। इस समय एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से हो रहा है। भरान के लिए मिट्टी नजदीकी गांवों से डंपरों के माध्यम से लाई जा रही है। ओवरलोड डंपरों के कारण कई सड़कें दम तोड़ चुकी हैं। पूर्व में पीडब्ल्यूडी ने क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कराया था। सर्वे के बाद जो रिपोर्ट तैयार हुई थी, उसमें 106 सड़कों के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी।
इन सडक़ों की कुल लंबाई लगभग 50 किलोमीटर है और निर्माण पर 55 करोड़ का खर्च होने का अनुमान है। विभाग ने डेढ़ साल पहले यह सूची यूपीडा को भेजकर मरम्मत के लिए बजट की मांग की थी। आज तक यूपीडा ने बजट जारी नहीं किया, जिससे सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में समाई हुई हैं और लोग हिचकोले खाते सफर कर रहे हैं।
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यह हैं प्रमुख क्षतिग्रस्त मार्ग

- ब्लाक गंजमुरादाबाद के रानीपुर ग्रांट से चकहनुमान संपर्क मार्ग।

- बांगरमऊ संडीला मार्ग के किमी. 28 से कैनाल पटरी से दशगवां वाया महोलिया हरईपुर संपर्क मार्ग।

- पंचमखेड़ा से महोलिया और अशायस व धानीखेड़ा संपर्क मार्ग।

- नौसहरा मार्ग के किमी. तीन से तमोरिया खुर्द संपर्क मार्ग।

- ब्लाक सफीपुर के मियागंज मार्ग से सिद्धनाथ बस्ती संपर्क मार्ग वाया नानीकोठरिया।

- लहबरपुर और मवई लाल वाया उदशाह संपर्क मार्ग।

- पुरवा बीघापुर से अटवट व बीघापुर कटाव संपर्क मार्ग।

- गढ़ाकोला-चमियानी व सोनिक से पिपरोसा वाया शहजादपुर मार्ग।

- बिछिया के सागरदेव बाबा मंदिर से गंगाखेड़ा संपर्क मार्ग।

- कानपुर-लखनऊ हाईवे से अलगनगढ़ वाया जमुनिया रेलवे क्राॅसिंग संपर्क मार्ग।


इन क्षतिग्रस्त सड़कों का मामला विधानसभा में उठ चुका है। इसके बाद यूपीडा के अभियंताओं ने संपर्क किया था और पांच सड़कों की मरम्मत उनके विभाग की ओर से कराने का शपथपत्र देने के लिए कहा था। विभागीय इंजीनियरों से जानकारी कराई थी तो किसी भी सड़क की मरम्मत नहीं मिली। इस संबंध में यूपीडा के उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। साथ में क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों की लिस्ट भी भेजी है।
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- सुबोध कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माणखंड।
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