पाटन (उन्नाव)। उन्नाव-लालगंज हाईवे (एनएच 31) की नवनिर्मित सड़क का चालीस वर्ग फिट हिस्सा धंसने की घटना को पाटने की कवायद शुरू हो गई है। सुमेपुर के पास मोटी कंक्रीट सड़क धसने से मानकों पर सवाल उठे तो तकनीकी अधिकारी दूसरे को जिम्मेदार बताकर अपना बचाव कर रहे हैं। पीएनसी के तकनीकी अधिकारी का कहना है कि एक रेस्टोरेंट तक जाने के लिए स्लोप बनाया गया है। इससे पुलिया बंद हो गई है और बस्ती की तरफ जलभराव हो रहा है। खतरे को देखते हुए पांच दिन पहले एक लेन को बंद कर दिया गया है। कंक्रीट तोड़कर दोबारा ढलाई होगी।
उन्नाव से लालगंज (रायबरेली) तक फोर लेन, एनएच-31 का निर्माण अंतिम चरण में है। एक सप्ताह पहले इस हाई स्पीड हाईवे की बीघापुर तहसील के सुमेरपुर मोड़ के पास सड़क का करीब चालीस वर्ग फिट हिस्सा धंस गया था। काफी गहरा गड्ढा होने से सड़क में खतरनाक उछाल हो गया था। लगातार कई दिनों तक वाहन दुर्घटनाएं होने पर इंजीनियरों ने खामी को ढकने के लिए कंक्रीट रोड पर डामर और गिट्टी बिछा दी। इसके बाद भी दरारें बढ़ती जा रही हैं। समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो इंजीनियरों ने पांच दिन पहले क्षतिग्रस्त लेन को बंद करते हुए दोनों तरफ के वाहनों का एक ही लेन से आवागमन शुरू कराया है।
पीएनसी के प्रजोक्ट मैनेजर अशोक तिवारी ने बताया कि एक होटल संचालक द्वारा होटल पहुंचने के लिए रैंप बनाई है। इससे पुलिया से होने वाली जलनिकासी प्रभावित है। सड़क के किनारे जलभराव होने की वजह से सड़क का कुछ हिस्सा दबा है, इससे दरार आई है। हालांकि होटल संचालक का कहना है कि मार्ग निर्माण के दौरान अपने पुराने व्यवसाय का हवाला देकर एनएचएआई और बीघापुर एसडीएम को पत्र देकर रैंप बनाने की अनुमति मांगी थी। इसपर होटल के सामने बैरिकेटिंग भी रोक दी गई थी। पीएनसी के परियोजना निदेशक अमन रोहिला ने बताया कि पुलिया से जलनिकासी न होने से हुए जलभराव के कारण सड़क में दरार आने की जानकारी मिली है। क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की जांच गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि सड़क जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा।