नेशनल ग्रीन ट्र्ब्यिूनल (एनजीटी) ने वाहनों से हो रहे प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया था। जिसे अब परिवहन मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। जिसके तहत बीएस-3 इंजन के वाहनों का एआरटीओ में रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा। एक अप्रैल से बीएस-4 टेक्नोलॉजी के इंजन वाली बाइक व चौपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा। कमिश्नर के आदेश पर एआरटीओ ने सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स को पत्र भेज नई व्यवस्था की जानकारी दी है। जिसके तहत शहर के बाइक व कार शोरूम मालिक बीएस-4 इंजन वाले वाहनों की खेप मंगा बिक्री की तैयारी में जुट गए हैं।
दिल्ली, हरियाणा के साथ यूपी के 27 जिले भी वाहन प्रदूषण की दायरे में हैं। जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए चौपहिया व दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसा है। संस्था ने स्पष्ट तौर पर बीएस-4 टेक्नोलॉजी के इंजन बनाने के निर्देश वाहन कंपनियों को दिए हैं। परिवहन मंत्रालय ने एक अप्रैल से फिलहाल एआरटीओ में बीएस-4 इंजन वाले बाइक व चौपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराए जाने के निर्देश शासन को जारी किए।
शासन से पत्र परिवहन आयुक्त के. रवींद्र नायक के पास आते ही नई व्यवस्था पर अमल के निर्देश उप संभागीय परिवहन कार्यालय व परिवहन कार्यालय को जारी हो गए हैं। इस पर अमल न करने वाली कंपनियों के साथ ही संभागीय परिवहन अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने बताया कि एक अप्रैल से केवल बीएस-4 इंजन वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जिसके बारे में पत्र भेज डीलरों को अवगत करा दिया गया है।
बीएस-4 इंजन वाली बाइक में नहीं है लाइट स्विच
हाई टेक्नोलॉजी बीएस-4 इंजन वाली बाइक में हेडलाइट स्विच कंपनियों ने नहीं दिया है। जो बाइक खरीदने वाले लोगों में कौतूहल का कारण बना हुआ है। यानि कि जब तक बाइक स्टार्ट रहेगी तब तक हेड लाइट जलती रहेगी। बाइक में हेड लाइट स्विच न दिए जाने का क्या कारण हो सकता है। इसके बारे में फिलहाल डिस्ट्रीब्यूटर्स बातचीत में कुछ खास नहीं बता सके।
डीलर नई बाइक की मंगा रहे खेप
बीएस-3 इंजन वाली बाइक का रजिस्ट्रेशन प्रतिबंधित होने की जानकारी होते ही डिस्ट्रीब्यूटर्स पुरानी बाइकों को वापस कर बीएस-4 इंजन वाली बाइक की खेप मंगाने लगे हैं। सोमवार को शहर के कई शोरूम में बीएस-4 इंजन वाली बाइक की खेप पहुंच भी चुकी हैं। नई टेक्नालजी वाली बाइक का जल्द से जल्द स्टाक करने की जद्दोजहद डिस्ट्रीब्यूटर्स में शुरू हो गई है।