त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में अव्यवस्था के बीच चार ब्लाकों में करीब 61 फीसदी वोटिंग हुई। असोहा के दरसवां बूथ पर एक बैलेट पेपर के न पहुंचने से काफी देर तक मतदान रुका रहा। बाद में एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
वहीं हिलौली 13 की सीट पर बैलेट पेपर बदल जाने से भी चुनाव बाधित रहा। हालांकि दोनों जगहों पर अधिकारियों के समय से पहुंच जाने से माहौल ज्यादा नहीं बिगड़ पाया। शुक्रवार को पहले चरण में बिछिया, पुरवा, असोहा व हिलौली ब्लाक की कुल 13 जिला पंचायत और 312 क्षेत्र पंचायत सदस्य सीटों के लिए सुबह सात बजे से मतदान शुरु हुआ।
शुरुआती दौर में मतदान काफी सुस्त रहा। परिणाम यह रहा सुबह नौ बजे तक केवल नौ प्रतिशत ही मतदान हो पाया था। दोपहर 12 बजे तक अधिकतर केन्द्रों पर सन्नाटा नजर आया। हालांकि इसके बाद जैसे-जैसे धूप कम होती गई वैसे-वैसे वोटरों की भीड़ बढ़ती गई।
दोपहर तीन बजे के बाद केंद्रों पर मतदाताओं की लाइन नजर आने लगीं। शाम पांच बजे तक मतदान केंद्र बंद कर दिए गए। इस दौरान जो वोटर अंदर थे उन्हें मतदान कराया गया। आखिर में सभी चारों ब्लाकों में लगभग 61 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे ज्यादा वोट बिछिया ब्लाक में पड़े। जबकि सबसे कम हिलौली में 59 प्रतिशत ही वोटिंग हुई।
असोहा प्रतिनिधि के अनुसार, विकासखंड के दरसवां में बूथ नंबर 129 में जिला पंचायत असोहा प्रथम और द्वितीय के वार्ड लगे थे। सुबह पीठासीन अधिकारी ने बिना जांच पड़ताल के 96 वोट डलवा दिए। जबकि प्रथम का बैलेट ही बूथ पर नहीं था। जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई।
इसके बाद एसडीएम समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह 11 बजे के करीब प्रथम बैलेट के पहुंचने के बाद वोटिंग शुरु हो सकी। शाम पांच बजे के बाद जैसे ही मतदान समाप्त हुआ वैसे ही मौजूदा कार्मिकों ने मतपेटियों को सील करना शुरु कर दिया। इसके बाद कार्मिकों ने स्ट्रांगरुम में सील मतपेटियों को जमा कराया।