प्रकृति की मार से बेहाल किसानों की आंखें उस समय नम हो गई जब क्षेत्रीय विधायक सुधीर रावत व प्रशासनिक अफसर नुकसान का आंकलन करने उनके गांव पहुंचे। विधायक ने किसानों के आंसू पोंछते हुए शासन से हर प्रकार की मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
वहीं, डीएम सौम्या अग्रवाल ने मौके पर ही राजस्व टीमें गठित कर नुकसान का आंकलन करने के आदेश दिए हैं।
बीते शनिवार को हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से सैकड़ों गांवों की हजारों बीघे फसल बर्बाद हो गई है। घर की जमा पूंजी के अलावा उधार कर्ज लेकर किसी तरह से तैयार की गई फसलों के तबाह होने से किसान सड़क पर आ गए।
बांगरमऊ क्षेत्र में किसानों ने कई जगह जाम लगाया था। जबकि मियागंज क्षेत्र में नुकसान से परेशान होकर एक किसान ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।
किसानों ने प्रकृति की इस मार से हुए नुकसान पर आर्थिक मदद दिलाने के लिए शासन व प्रशासन से गुहार लगाई थी। किसानों को हुए नुकसान का जायजा लेने सोमवार को सफीपुर विधायक सुधीर रावत के साथ डीएम सौम्या अग्रवाल, एडीएम शिवेंद्र कुमार सिंह फसलों का जायजा लिया।
जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अफसरों के आने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। यहां पर परसौरा के एकरार खां, साहबलाल, भैय्यालाल, मुरली इरफान, बरौंकी के संजय पाल रावत, सुंदर यादव, राजूपाल, राजबहादुर, मनोज, कल्लू, सुभानीखेड़ा के सुंदरलाल, जहांगीराबाद के दयाराम ने मौसम की मार से तबाह हुई फसलों की जानकारी दी।
यह बताते-बताते कुछ किसानों की आंखों से आंसू बहने लगे। देश के अन्नदाता को रोता देख विधायक व डीएम ने उन्हें सांत्वना दी और हर प्रकार की सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
डीएम ने मौके पर ही राजस्व टीमें गठित कर फसलों का ब्योरा एकत्रित करने का आदेश दिया। विधायक सुधीर रावत ने कहा कि धैर्य रखिए। प्रदेश सरकार से हर संभव मदद दिलाई जाएगी। इस मौके पर सपा नेता व सभासद राजू ब्रह्मचारी, बबलू सिंह, राकेश पाल, लउवा पाल व राहुल सिंह भी मौजूद रहे।
सोमवार को भाजपा का प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल से मिला और उन्हें ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के बाबत जानकारी दी। ओलावृष्टि से हसनगंज व सफीपुर में आम बेल्ट को हुए नुकसान के बारे में बताया गया। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी दिया।
राज्यपाल ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है। विधानसभा परिषद में भाजपा विधायक दल के नेता ह्दय नारायण दीक्षित ने राज्यपाल को बताया कि गेहूं, अरहर, सरसों, चना, मटर, मसूर के साथ ही आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
किसान भुखमरी की कगार पर हैं व आत्महत्या करने को मजबूर हैं। प्रतिनिधि मंडल ने बांगरमऊ, फतेहपुर चौरासी, हसनगंज, मियागंज, औरास, पुरवा, बीघापुर व उन्नाव में प्रभावित हुई फसलों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। फसलों हेतु निए गए बैंक ऋण, सिंचाई व लगान शुल्क माफ करने व बर्बाद फसलों की भरपाई की मांग राज्यपाल से की गई है।