बदलते मौसम का कहर सोमवार को भी जारी रहा। तेज बारिश तो बंद हो गई लेकिन हवाओं ने किसानों को झकझोर दिया है। तेज रफ्तार से चली हवाओं से दलहनी व तिलहनी फसलों के फूल झड़ गए वहीं गेहूं के पौधे खेत में जमींदोज हो गए। इससे किसानों को तगड़ा झटका लगा है।
शनिवार रात को शुरू हुई बारिश रविवार को आधी रात 12 बजे बंद हुई। 24 घंटे में 48.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। सोमवार को तेज बारिश तो नहीं हुई लेकिन पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे।
सूर्यदेव बादलों की ओट से लुकाछिपी करते रहे। सोमवार की भोर पहर तेज हवाएं चलने लगी थीं जो दोपहर बाद तक चलती रहीं। तेज गति से चली हवाओं ने फसलों को पूरी तरह से तबाह कर दिया। सरसों, अरहर के पौधों में लगे फूल तेज हवाओं से झड़ गए।
वहीं गेहूं के पौधे भी जमीन पर गिर गए। इससे किसानों को तगड़ा नुकसान हुआ। बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है। किसान परेशान हैं। वहीं सोमवार शाम करीब 5 बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। आसमान में काले बादल छा गए।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि सोमवार शाम तक आसमान में बादल छाए रहे हैं। देरशाम बारिश होने की आशंका है। डॉ. सिंह के मुताबिक, मंगलवार से मौसम खुलने की संभावना है।