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Unnao News: नमामिगंगे परियोजना... पांचवीं बार बढ़ी समय सीमा

Sun, 03 Aug 2025 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो नंबर-12, 13
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-3.80 अरब की योजना से शहरवासियों को नहीं मिल पाई सीवरेज की सुविधा
-गंगा में गिर रहा गंदा पानी, 2019 में शुरू हुई योजना दिसंबर 2022 तक पूरी होनी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। शहर में छह साल पहले शुरू हुआ सीवरेज योजना तय समय के ढाई साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई। 2019 में शुरू हुई 3.80 अरब की इस परियोजना को दिसंबर 2022 तक पूरा करना था। लेकिन एक एक्सईएन, एक एई और दो जेई की निगरानी के बाद भी नमामि गंगे परियोजना का काम पूरा नहीं हो सका।
शहर वासियों को समस्या होने के साथ ही गंगा नदी में रोज 15 लाख लीटर गंदा पानी भी गिर रहा है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए जलनिगम के अधिकारियों को दो महीने में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी काम पूरा न होने पर अफसरों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजेंगे।
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शहर में जलभराव और सीवरेज की समस्या को लेकर सांसद और सदर विधायक के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने 2019 में शहर को नमामि गंगे परियोजना में शामिल किया था। इससे शहर के लोगों को सुविधा के साथ ही गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना है। उन्नाव (शहर) और गंगाघाट (शुक्लागंज) नगर पालिका क्षेत्र के लिए 3.80 अरब की इस परियोजना पर काम शुरू हुआ। परियोजना के अनुसार लोनी और सिटी ड्रेन में गिरने वाले नालों को एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाकर उनसे जोड़ने और गंगा में गिरने वाले नालों को पक्का करके उन्हें सीवेज प्लांट से जोड़ने का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
जलनिगम का दावा है कि योजना के पहले फेज में शहर के पीतांबर नगर, शिव नगर सहित अन्य मोहल्लों क्षेत्रों में भूमिगत पाइप लाइन बिछाईं गईं। शुक्लागंज में एसटीपी का काम अंतिम चरण में है। वहीं नालों की टेपिंग का काम भी 70 फीसदी पूरा हो गया है। अब सीवर लाइनों की कनेक्टिविटी और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पाइप लाइनों की सफाई और जोड़ने का ही काम बाकी है। वहीं गंगाघाट (शुक्लागंज) में 80 फीसदी काम पूरा हो गया है। जो काम बचा है उसे दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
सिल्ट भरने से चोक हो गईं भूमिगत पाइप लाइन
सीवरेज और गंदे पानी को साफ करने के बाद ही गंगा नदी में गिरने वाले नालों में छोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए अचलंगज के पास डकारी गांव में, शहर की आवास विकास कॉलोनी और आदर्शनगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना है। वहीं शुक्लागंज के अहमदनगर में भी एसटीपी बनाया जा रहे हैं। इन एसटीपी पर 122 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। लेकिन अभी तक केवल एक, डकारी का एसटीपी चालू हो सका है।
योजना के मुख्य बिंदु
शहर के नालों को अपग्रेड करके एसटीपी से जोड़ने पर 104 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वहीं भूमिगत सीवेज लाइन बिछाने पर 200 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। गंगाघाट में नदी में गिर रहे नालों को मोड़कर इंद्रानगर नाले और एसटीपी से जोड़ा जाएगा। सिटी ड्रेन का पानी साफ करने के लिए डकारी और शुक्लागंज में एक-एक एसटीपी, नालों को मोड़ने के काम में 78 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
कोट
जिम्मेदार बोले-काम अंतिम चरण में है
काम अंतिम चरण में है, नालों की टेपिंग, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, भूमिगत पाइप लाइन सहित अन्य काम तेजी से पूरे कराए जा रहे हैं। शहर का काम अगले दो महीने में पूरे करते मेन पाइप लाइन को चालू कर दिया जाएगा। डकारी एसटीपी की 3.2 किलोमीटर पाइप लाइन में सिल्ट भरने से दिक्कत हुई थी, उस समस्या को दूर कर दिया गया है। शहर के आदर्शनगर में बने एसटीपी को शहर की मुख्य सीवरेज लाइन से जोड़ने का काम चल रहा है। शुक्लागंज का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा। हालांकि ट्रॉयल में सामने आने वाली सभी खामियों को दिसंबर 2025 तक दूर करके चालू कर दिया जाएगा। अजय कुमार सिंह, एक्सईएन जलनिगम
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कोट
जिला योजना की बैठक में मुद्दे को रखेंगे
शहर में सीवरेज और नालों का गंदा पानी गंगा में गिरने की समस्या पुरानी है। इसीलिए परियोजना में शहर को शामिल कराया था। जलनिगम और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से परियोजना समय से पूरी नहीं हो पाई है। जिला योजना की बैठक में मुद्दे को रखेंगे। शासन को भी अवगत कराएंगे।पंकज गुप्ता, सदर विधायक
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