अचलगंज (उन्नाव)। थाना क्षेत्र के पंचमपुरवा बलाई गांव में छात्रा की गला दबाकर हत्या कर दी गई। उन्नाव के एक नर्सिंगहोम में पार्ट टाइम नर्स का काम करने वाली छात्रा शनिवार रात घर जाते समय लापता हो गई थी। रविवार को गांव के बाहर खेत में उसका शव मिला। उसके नाक से झाग व खून निकल रहा था और गले में चोट के निशान थे। उसके पिता ने बड़ी बेटी के देवर समेत गांव के युवक के खिलाफ अपहरण के बाद हत्या की रिपोर्ट लिखाई है। इनमें एक पुलिस की हिरासत में है।
पंचमपुरवा बलाई गांव निवासी बाबूराम यादव की पुत्री दीपा (18) शनिवार को साइकिल से हड़हा गांव आई। यहां अपनी परिचित अनीता के यहां साइकिल रखकर वाहन से उन्नाव आ गई। नर्सिंगहोम में ड्यूटी खत्म करके शाम छह बजे हड़हा पहुंची और साइकिल लेकर घर के लिए चल दी। रात 8 बजे तक घर नहीं पहुंची तो पिता ने तलाश की। पता न चलने पर अचलगंज थाने पहुंच कर गांव के ही रंजीत मल्लाह व दीपा की बड़ी बहन गुड़िया के माखी निवासी देवर मोनू केखिलाफ अपहरण की तहरीह दी। पुलिस ने शनिवार रात रंजीत मल्लाह को थाने लाकर पूछताछ की लेकिन दीपा का सुराग नहीं मिला।
रविवार सुबह दीपा का शव गांव के बाहर श्रीकृष्ण शुक्ला के खेत में मिला। शव के पास साइकिल खड़ी थी। पिता की सूचना पर आए एसओ एके सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने डॉग स्क्वायड बुलाया लेकिन क्लू नहीं मिल सका। सीओ माजिद अफ्सार ने भी मौका मुआयना किया।
थानाध्यक्ष एके सिंह ने बताया गले पर चोट के निशान व मुंह से खून देखकर लग रहा है कि युवती की गला दबाकर हत्या की गई है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो सकेगी। रंजीत मल्लाह से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मोनू यादव को पकड़ने की कोशिश कर रही है। पिता बाबूराम यादव के मुताबिक दीपा बीघापुर के रघुराजा रामगोपाल महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। रंजीत मल्लाह व मोनू यादव उसे आए दिन परेशान करते थे। दोनों ने उसे देख लेने की धमकी भी दी थी। इसके बाद से बेटी सहमी थी। पिता का कहना है दोनों लड़के उसकी बेटी से इकतरफा प्रेम करते थे। बेटी दोनों लड़कों को पसंद नहीं करती थी।