उन्नाव जिले में पांच दिन पहले अपहृत 10 वर्षीय बच्ची का शव गुरुवार रात पुलिस ने एक कुएं से बरामद कर लिया। इसी गांव में अपनी ननिहाल में चार साल से रह रहे नीरज रावत (22) ने दुष्कर्म में असफल होने पर गला दबाकर बच्ची की हत्या की थी।
दो डॉक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी के बीच बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। शव बरामद करने के बाद पुलिस नीरज के मिट्टी से सने कपड़े बरामद कराने ले गई तो उसने पहले से कपड़ों में छिपाकर रखे तमंचे से फायर कर भागने का प्रयास किया।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक गांव की 10 वर्षीय बच्ची 20 जून को लापता हो गई थी। उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गुरुवार रात पुलिस ने पकरा गांव के मूल निवासी नीरज से पूछताछ की।
सख्ती पर उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि 20 जून को मजदूरी कर घर लौटते समय दो जगह शराब पी। चार बजे गांव की बरातशाला के पास पहुंचा। वहां बच्ची दिखी तो पकड़कर बरातशाला के पीछे ले गया और दुष्कर्म की कोशिश की।
बच्ची के शोर मचाने पर पकड़े जाने के डर से उसका गला घोटकर हत्याकर शव कुएं में फेंक दिया। एसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार घटना के समय बरसात होने से हत्यारोपी के कपड़ों में कीचड़ लग गया था। उसने कपड़े तारागढ़ी तिराहे के पास जंगल में छिपा दिए थे। पुलिस नीरज को कपड़े बरामद करने ले गई। आरोपी ने कपड़ों में पहले से छिपाकर रखे गए तमंचे से पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में दोनों पैरों में घुटने के नीचे गोली लगने से वह घायल हो गया।