उन्नाव। नगर पालिका उन्नाव के अधिकारियाें ने कर्मचारियों के पैसे भी नहीं छोड़े और हजम कर लिए। पालिका के लगभग ढाई सौ से अधिक कर्मचारियों का आरडी के नाम पर जमा किए गए लगभग 50 लाख रुपये डाक खाते में जमा ही नहीं किए गए हैं। इस बारे में ईओ पालिका ने अनभिज्ञता जताते हुए जांच करवाने की बात कही है।
नगर पालिका कर्मचारी अपनी सैलरी से सामर्थ्य के अनुसार पांच सौ से सात हजार रुपये प्रतिमाह पालिका में आरडी के रूप में कई सालों से कटवाते आ रहे हैं। इससे थोड़ी-थोड़ी कटौती कर उन्हें पांच वर्षों में एक अच्छी खासी रकम प्राप्त हो जाती है। अब इन कर्मचारियों की इस पूंजी पर पालिका अधिकारियों की निगाहें जम गई हैं।
नगर पालिका मजदूर सभा के अध्यक्ष हरिनाम सिंह की मानें तो पालिका के लगभग ढाई सौ से अधिक कर्मचारियों की आरडी का लाखों रुपये प्रतिमाह शहर स्थित प्रधान डाकघर में जमा किया जाता है। यह पैसा उनकी सैलरी से कटता है। बताया कि यह प्रक्रिया कई सालों से चली आ रही है।
अध्यक्ष ने बताया कि जब कुछ कर्मचारियों की आरडी की अवधि पूरी हुई तो वह डाकखाने में अपनी मैच्योरिटी लेने गए तो पता चला कि पालिका ने लगभग 9 माह से उनका पैसा ही नहीं जमा किया है। यह सुनकर कर्मचारियों के होश उड़ गए और वह पालिका की अधिशासी अधिकारी रोली गुप्ता से इसकी शिकायत करने पहुंचे।
उन्होंने इस मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जांच कराने की बात कही और कर्मचारियों को बैरंग कर दिया। इससे अब पालिका कर्मचारियों को उनका लाखों रुपये पानी में जाते दिखाई दे रहे हैं। पालिका कर्मियों परशुराम वर्मा, मुशीर, रामशंकर, केशरी देवी, भगवान दीन, कल्लू आदि ने बताया कि यदि उनकी मेहनत की यह पूंजी वापस नहीं मिली तो वह लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
वर्जन
कर्मचारियों की आरडी का पैसा जमा किया जा रहा है या नहीं इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मामला संज्ञान में आया है। अकाउंट के कर्मचारियों से इसकी जानकारी लेकर जांच करवाई जाएगी। - रोली गुप्ता, ईओ, नगर पालिका उन्नाव।
वर्जन
नगर पालिका के कर्मचारियों की आरडी हमारे कार्यालय में खुली हुई थीं लेकिन बीते जून-14 से आरडी का पैसा जमा नहीं किया जा रहा है। इसलिए इन्हें बंद कर दिया गया है। अब पैसा जमा होने के बाद ही इन्हें शुरू किया जाएगा।- सियाराम गुप्ता, हेड पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर उन्नाव।