पाटन। बीघापुर तहसील प्रशासन के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत चल रहे अधिवक्ताओं ने तहसील मुख्यालय पाटन में प्रदर्शन किया। बाद में बार एसोसिएशन सभागार में बैठक कर आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई। 19 फरवरी से अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत हैं।
बुधवार को अधिवक्ताओं ने तहसील भवन में प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद तहसील बार एसोसिएशन सभागार में बैठक की। पूर्व अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी का खामियाजा वादकारियों को भुगतना पड़ रहा है। एसडीएम न्यायालय में धारा 24 और 116 की लंबित फाइलों के अंबार का दावा किया। महामंत्री शेर बहादुर ने बहस के बाद भी आदेश न जारी होने से मुवक्किलों में अविश्वास बढ़ने की बात कही। पूर्व अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह ने कहा कि गैर विवादित फाइलों में न्यायालयों को लेखपालों से आख्या लेनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने वाद खारिज किए जाने को निंदनीय ठहराया।
पूर्व अध्यक्ष अरविंद प्रताप सिंह ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने के प्रस्ताव के बाद चकबंदी अधिकारियों के न्यायिक कार्य करने पर नाराजगी जताई। इस मौके पर सुरेश पटेल, मोहनलाल, रणविजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अतुल सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमनाथ वर्मा, उपाध्यक्ष देशराज यादव व कोषाध्यक्ष विजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।