उन्नाव। पन्ना लाल कलेक्ट्रेट हाल में गुरुवार को राज्य सूचना आयुक्त के सामने वादकारियाें ने अधिकारियों की जमकर बखिया उधेड़ी। बताया कि सूचना कुछ मांगों तो देते कुछ और है। वहीं कुछ अधिकारी तो सूचना दिए बगैर जबरदस्ती कागज पर सूचना देना लिखवा लेते हैं।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां पर डीएम सौम्या अग्रवाल व एसपी रतन कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि विभागीय समीक्षा बैठकों में जन सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में भी चर्चा कर लिया करें।
इसके अलावा लंबित मामलों की समीक्षा भी की जाए। इसके बाद आयुक्त सीधे पन्नालाल हाल कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर आरटीआई से संबंधित वादों की सुनवाई शुरू की।
पहले दिन आयुक्त ने 65 वादों की सुनवाई की। यदुवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि आवश्यक वस्तु खाद्य अधिकारी से गोदाम प्रभारियों से संबंधित जानकारी मांगी थी। कुछ दिन पहले जनसूचना अधिकारी ने कार्यालय बुलाया और जबरदस्ती कागज पर सूचना मिल जाना लिखवा लिया।
सुशील कुमार व राकेश कुमार ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत सूचना देने के आदेश दिए। वहीं, कक्ष के बाहर खड़े कुछ लोगों ने कर्मचारियों पर वहां से जबरदस्ती भगा देने का भी आरोप लगाया। आयुक्त ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और संबंधित मामलों/वादों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।