मखदुम शाहसफी का 514 वां सालाना उर्स बुधवार रात मजलिस के साथ हुआ। वही मजार के शमाखाने में आयोजित महफिल कुल शरीफ व फातिहा में मुरीदों का हुजूम उमड़ा। वहीं मुरीदों का मजार पर चादर चढाने और दुआएं मांगने का सिलसिला जारी है।
सफीपुर कसबा के मोह्ला पीरजादगान स्थित मखदुम शाहसफी के सलाना उर्स के दूसरे दिन बुधवार को दरगाह में आयोजित कुलशरीफ के बाद सज्जादा नशीन रहे नूर मियॉ की मजार पर महफिल का आयोजन किया गया। मशहूर कव्वालों में पीर की शान में नजरानें अकीदत पेश किए। तिलावतें पाक के मजार का गुस्ल सम्पन्न हुआ। आए हुए मुरीदों ने शिरकत की और गुस्ल का पानी लिया। मगरीब की नमाज के बाद सज्जादा नशी समदी मोहम्मद फारूकी के आवास पर फातेहा पढ़ा गया। जिसमें मुरीदों की भारी भीड़ रही। शाह सफी के उर्स के अंतिम दिन कार्यक्रम में आवास पर ही आयोजित मजलिस कों बिहार मधुबनी सें आए मौलाना आरिफ इकबाल मिस्बाही ने संबोधित कर करबला के तपते रेगिस्तान पर शहीद इमाम हुसैन सहित 72 शाहदातों पर रोशनी डाली। इस मौके पर समदी मियां व उनके छोटे भाई अफजाल मियां नें दुआएं की व मजलिस में आए हुए मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।