उन्नाव। कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा पर जिले के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन पांच मुकदमों में शुक्रवार को सुनवाई हुई। एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में विचाराधीन झूठी सूचना दिए जाने से पुलिस को मजबूरन कब्र खुदवाने के मुकदमे में एक गवाही पूरी हो गई। वहीं, एडीजे षष्ठ के न्यायालय में विचाराधीन प्राणघातक हमले के मुकदमे में न्यायाधीश का स्थानांतरण होने से 13 मार्च की तिथि दी गई।
विभिन्न मुकदमों में आरोपी चाचा को शुक्रवार सुबह 4 बजे दिल्ली पुलिस तिहाड़ जेल से पुलिस लाइन लेकर आई। सुबह 10 बजे कड़ी सुरक्षा में न्यायालय लाया गया। पीड़िता के चाचा व उनकी पत्नी (अब मृत) पर दर्ज मानहानि के मुकदमे में पुलिस उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ले गई। न्यायाधीश जमीला रसीद ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 2 मार्च तय की है। इसके बाद एसीजेएम तृतीय प्रमोद कुमार के न्यायालय में विचाराधीन चार मुकदमों में पीड़िता के उम्र संबंधी प्रपत्र गलत देने के मामले में गवाही न आने से सुनवाई नहीं हुई। इसी न्यायालय में सीबीआई के गवाह की मौत के बाद उसे जहर देकर मारने की झूठी सूचना देकर पुलिस को कब्र खुदवाने के लिए मजबूर करने के मामले में एक गवाही पूरी हो गई। झूठा प्रार्थना देने के मामले में विवेचक की गवाही पूरी हुई।
वहीं, फर्जी टीसी और चाचा पर दर्ज अवैध उगाही के मुकदमे में गवाह न आने को कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इन मुकदमों की सुनवाई के लिए अगली तारीख 7 मार्च तय की गई है। वहीं, सीजेएम विराट सक्सेना के न्यायालय में विचाराधीन न्यायिक अभिलेखों में सफेदा (व्हाइटनर) लगाने के प्रकरण में पहले से 7 मार्च की तिथि निर्धारित है। एसीजेएम षष्ठ के न्यायालय में चल रहे प्राणघातक हमले के मामले में न्यायाधीश का स्थानांतरण होने से सुनवाई की अगली तारीख 13 मार्च तय की गई है। मुकदमों में पेशी के बाद शाम चार बजे दिल्ली पुलिस पीड़िता के चाचा को दिल्ली लेकर लौट गई।
कोर्ट में पेशी के बाद वापस लौटते समय चाचा की नजर जैसे ही वहां खड़े कुछ मीडिया कर्मियों पर पड़ी, उसने साथ चल रहे सुरक्षाकर्मी पर भड़ास निकालनी शुरू कर दी। इस दौरान उसकी बातचीत वीडियो में कैद हो गई। उसने सुरक्षाकर्मी को कुलदीप सेंगर का हितैषी बता लगातार उससे अभद्रता करने की बात कही। हालांकि सुरक्षा कर्मी ने बात को नजरअंदाज कर दिया।