न्यूनतम पारा लगातार गिरता जा रहा है। इसके चलते ठंड में भी इजाफा होता जा रहा है। लोग परेशान हैं। शीतलहर से गलन बढ़ गई है। ऐसे में गरीबों के पास केवल आग का ही सहारा बचा है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन कोहरे की धुंध छाई रही। हाड़कपाऊ ठंड से लोग बेहाल रहे। गलन में भी इजाफा हुआ। सड़कों से गुजरने वाले लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढके नजर आए।
दिन भर सूर्यदेव बादलों की ओट से आंखमिचौनी करते रहे। इसके चलते तेज धूप न निकलने से लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर हुए। बाजारों व सड़कों पर भी अपेक्षाकृत भीड़ नहीं दिखी। भीषण कड़ाके की ठंड में भी लोग काम धंधे पर और बच्चे स्कूल गए।
शाम 5 बजे के बाद जैसे ही सूर्यास्त हुआ, ठंड और बढ़ गई। लोग जल्दी-जल्दी अपने काम निपटाकर घर चले गए। घरों व सड़कों पर जगह-जगह आग जलते देखी गई। सड़क से गुजरने वाले लोगों ने जहां भी आग जलते देखी, वहीं पर रुककर खुद को गर्म करने से नहीं चूके।
कोहरे और ठंड के कारण ट्रेन कई कई घंटे देर से स्टेशन पहुंच रही हैं। इससे यात्री सर्दी के मौसम में स्टेशन पर ही समय बिताने को मजबूर हैं।सोमवार को कोहरे के कारण लगभग सभी ट्रेनें लेट रहीं। यात्री ट्रेन के आने के समय की जानकारी लेते रहे।
सोमवार को कैफियत एक्सप्रेस 15 घंटे, गोमती एक्सप्रेस 14 घंटे, बरौनी ग्वालियर एक्सप्रेस आठ घंटे, फरक्का एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, उत्सर्ग एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, आगरा इंटरसिटी, ऊंचाहार एक्सप्रेस व निलांचल एक्सप्रेस चार घंटे, चित्रकूट एक्सप्रेस साढे़ तीन घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस ढाई घंटे, फैजाबाद इंटरसिटी, झांसी इंटरसिटी और झांसी पैसेंजर दो घंटे की देरी से स्टेशन पहुंचीं। इसके अतिरिक्त लोकल चलने वाली एलकेएम ट्रेन भी एक-दो घंटे की देरी से चल रही थी।