पं. चंद्र भूषण त्रिवेदी ‘रमई काका ’ की जयंती पर महात्मा गांधी पुस्तकालय में आयोजित गीत संध्या में
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। महात्मा गांधी पुस्तकालय सभागार में साहित्य भारती संस्था की ओर से कवि चंद्रभूषण त्रिवेदी रमई काका की 107वीं जयंती मनाई मनाई गई। कवियों ने हास्य कविता के नाम पर फूहड़ता परोसे जाने की आलोचना करते हुए कहा कि काका ने लंबे समय तक बहरे बाबा कार्यक्रम के माध्यम से लोगों का स्वस्थ्य मनोरंजन किया।
मुख्य अतिथि सीडीओ राजेश कुमार प्रजापति ने रमई काका के तैल चित्र का अनावरण किया। उन्होंने कहा साहित्यकार समाज को दिशा देने का काम करते हैं। इस जिले ने काका सहित हिंदी साहित्य को कई रचनाकार दिए हैं। बछरावां डिग्री कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राम नरेश ने कहा कि काका ने लंबे समय तक आकाशवाणी पर बहरे कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं का मनोरंजन किया। काका का यह कार्यक्रम न सिर्फ गांवों बल्कि कस्बों व शहरों में भी काफी लोकप्रिय बना रहा।
काका की बेटी कविता अवस्थी ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन ही साहित्य को समर्पित कर रखा था। शायद इसीलिए बेटी के तौर पर नामकरण करते हुए कविता के तौर पर पहचान दी। इस मौके पर रमेश रंजन मिश्र, मनोज जैन, चंद्र प्रकाश शुक्ल छुन्ना, रावतपुर इंटर कालेज के पूर्व प्रवक्ता शैलेंद्र त्रिवेदी, अरविंद कमल, विनोद शर्मा, रवि सहांय मिश्र राधे, चंदनलाल त्रिपाठी, ह्दयेश तिवारी, रविंद्र शुक्ल, कमलेश मिश्र, आईपी दीक्षित, मुन्ना शुक्ल, जेपी तिवारी, संदीप दीक्षित व कमलेश मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष हरि सहाय मिश्र मदन जी ने की। वहीं संचालन अतुल मिश्रा किया।