शहर के मोहल्ला आवास-विकास निवासी अवध ट्रांसपोर्ट के मालिक अवधेश सिंह
के इकलौते बेटे अभिषेक उर्फ पंकज का विवाह चार फरवरी को बीघापुर
थानाक्षेत्र के गांव अकवाबाद निवासी अभिमन्यु सिंह की बेटी रागिनी (24) से
हुआ था। पांच फरवरी की शाम करीब पांच बजे बारात वापस अकवाबाद लौटी। परिजन
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मिर्जापुर पूजा करने चले गए। वहां से
शुक्रवार देर शाम वापस आए। रात में खाना खाने के बाद सभी अपने कमरे में चले
गए। शनिवार सुबह घरवालों के साथ रागिनी ने नाश्ता किया। शनिवार सुबह लगभग
11 बजे वह अपने कमरे में चली गई। उसका पति बाहर गया था। दोपहर एक बजे सास
ने आवाज दी। कोई हलचल न होने पर दरवाजा खटखटाया तो अंदर से बंद मिला। सूचना
पर रागिनी का पति अभिषेक घर पहुंचा और खिड़की का कांच तोड़ कर अंदर देखा
तो उसके होश उड़ गए। रागिनी का शव कमरे में लगे झूमर में बंधी शाल से लटका
था। आनन-फानन दरवाजा काटा गया। सूचना पर मायके पक्ष के लोग भी मौके पर
पहुंचे। ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे
शहर में सनसनी फैल गई। अस्पताल चौकी इंचार्ज इंदू यादव व अर्चना शुक्ला
मौके पर पहुंची। जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार मीनाक्षी द्विवेदी मौके पर
पहुंची औक शव का पंचनामाभर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में न तो
मायके पक्ष के लोग कुछ बोल रहे हैं और न ही ससुराल पक्ष के। देर रात तक
पोस्टमार्टम कराने की कवायद चलती रही। शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सभी अपने-अपने तरीके से कयास लगा रहे हैं।
तबियत खराब होने की पता चली थी बात
मृतका
के पति अभिषेक ने बताया कि विवाह गांव से न होकर लालगंज के एक गेस्ट हाउस
से हुआ था। शुक्रवार को बारात वापस आते समय उसकी भाभी रीमा ने कहा था कि
रागिनी की तबियत कुछ खराब है। वह घबराई हुई है। उन्होंने रागिनी का ख्याल
रखने की बात कही थी। घर आने के बाद रागिनी से बात की तो उसने ऐसा कुछ नहीं
बताया और ना ही रास्ते में इस मामले में कोई बातचीत की। रात में भी माहौल
अच्छा रहा। अचानक ऐसा कदम उठाने के पीछे क्या कारण है वह खुद नहीं
जानता।